Chandigarh का आज का चौघड़िया

शुक्रवार, 2026-08-21 · Chandigarh, India · UTC+5:30

सूर्योदय

05:54

सूर्यास्त

18:59

प्रत्येक दिन-चौघड़िया

98 मिनट

Chandigarh के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से स्विस एफ़ेमेरिस द्वारा गणना — किसी राष्ट्रीय तालिका पर केवल शहर का नाम बदलकर नहीं। इसीलिए ऊपर की अवधि 98 मिनट है, न कि निश्चित 90।

दिन का चौघड़िया

सूर्योदय 05:54 से सूर्यास्त 18:59 तक, आठ भागों में विभाजित।

चौघड़ियासेतकअवधिकिस कार्य के लिए
चर05:5407:3298 मिनटचर अर्थात चलायमान। यात्रा के लिए उपयुक्त, अन्यथा सामान्य।
लाभ07:3209:1098 मिनटलाभ का समय। व्यापार, लेन-देन और धन-संबंधी कार्यों के लिए।
अमृत09:1010:4898 मिनटदिन का सर्वोत्तम समय। कोई भी शुभ कार्य आरंभ किया जा सकता है।
काल10:4812:2698 मिनटहानि का समय। नया कार्य आरंभ करना वर्जित माना गया है।
शुभ12:2614:0598 मिनटशुभ समय। विवाह और मांगलिक संस्कारों के लिए उपयुक्त।
रोग14:0515:4398 मिनटइस समय नया कार्य आरंभ न करें। रोग और विवाद से संबंधित।
उद्वेग15:4317:2198 मिनटचिंता और बाधा का समय। सूर्य द्वारा शासित, राहु काल से भिन्न।
चर17:2118:5998 मिनटचर अर्थात चलायमान। यात्रा के लिए उपयुक्त, अन्यथा सामान्य।

रात्रि का चौघड़िया

सूर्यास्त 18:59 से कल के सूर्योदय तक। क्रम पाँच स्थान आगे से आरंभ होता है — यह दिन की पुनरावृत्ति नहीं है।

चौघड़ियासेतकअवधिकिस कार्य के लिए
रोग18:5920:2182 मिनटइस समय नया कार्य आरंभ न करें। रोग और विवाद से संबंधित।
उद्वेग20:2121:4382 मिनटचिंता और बाधा का समय। सूर्य द्वारा शासित, राहु काल से भिन्न।
चर21:4323:0582 मिनटचर अर्थात चलायमान। यात्रा के लिए उपयुक्त, अन्यथा सामान्य।
लाभ23:0500:2782 मिनटलाभ का समय। व्यापार, लेन-देन और धन-संबंधी कार्यों के लिए।
अमृत00:2701:4982 मिनटदिन का सर्वोत्तम समय। कोई भी शुभ कार्य आरंभ किया जा सकता है।
काल01:4903:1182 मिनटहानि का समय। नया कार्य आरंभ करना वर्जित माना गया है।
शुभ03:1104:3382 मिनटशुभ समय। विवाह और मांगलिक संस्कारों के लिए उपयुक्त।
रोग04:3305:5582 मिनटइस समय नया कार्य आरंभ न करें। रोग और विवाद से संबंधित।

Chandigarh में किस वार को कौन सा चौघड़िया पहले आता है

दिन जिस चौघड़िया से आरंभ होता है वह वार से तय होता है, और उसकी अवधि Chandigarh के अपने सूर्योदय से — इसलिए यह तालिका दोनों के लिए विशिष्ट है।

दिनदिन का आरंभपहला शुभ चौघड़िया
रविवारउद्वेग · 05:5107:30लाभ · 09:09–10:48
सोमवारअमृत · 05:5207:31अमृत · 05:52–07:31
मंगलवाररोग · 05:5207:31लाभ · 10:48–12:27
बुधवारलाभ · 05:5307:31लाभ · 05:53–07:31
गुरुवारशुभ · 05:5307:32शुभ · 05:53–07:32
शुक्रवार · आजचर · 05:5407:32लाभ · 07:32–09:10
शनिवारकाल · 05:5507:33शुभ · 07:33–09:10

Chandigarh के लिए अलग तालिका क्यों

ग्रीष्म और शीत की तुलना

Chandigarh में दिन का एक चौघड़िया जून संक्रांति पर 106 मिनट और दिसंबर संक्रांति पर 76 मिनट का होता है, क्योंकि दिनमान स्वयं घटता-बढ़ता है। रात्रि में क्रम उल्टा है — 74 मिनट बनाम 104 मिनट। निश्चित 90 मिनट वाली कोई भी तालिका दोनों ऋतुओं में ग़लत रहती है।

निकटतम शहर की तुलना में

Ambala Chandigarh से केवल 39 किलोमीटर दूर है, फिर भी आज वहाँ सूर्योदय 05:54 पर है और Chandigarh में 05:54 पर। सोलहों चौघड़िया इसी के साथ खिसक जाते हैं — इसीलिए गणना प्रति शहर होती है, प्रति क्षेत्र नहीं।

वर्ष भर में Chandigarh का दिनमान इतना बदलता है कि दिन का आठवाँ भाग एक छोर से दूसरे छोर तक 29 मिनट तक घट-बढ़ जाता है।

सामान्य प्रश्न

Chandigarh में आज का शुभ चौघड़िया कौन सा है?

Chandigarh में आज दिन के शुभ चौघड़िया हैं लाभ (07:32–09:10), अमृत (09:10–10:48), शुभ (12:26–14:05)। इनमें अमृत सर्वश्रेष्ठ है, फिर शुभ, फिर लाभ।

क्या चौघड़िया हमेशा 90 मिनट का होता है?

नहीं। एक चौघड़िया दिनमान का आठवाँ भाग है, इसलिए यह सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ घटता-बढ़ता है। Chandigarh में आज दिन के चौघड़िया 98 मिनट के और रात्रि के 82 मिनट के हैं।

किस चौघड़िया में कार्य नहीं करना चाहिए?

रोग, काल और उद्वेग। चर सामान्य है और परंपरा से यात्रा के लिए उपयुक्त माना गया है। उद्वेग सूर्य द्वारा शासित है और राहु काल से भिन्न है, जो राहु द्वारा शासित है — दोनों प्रायः एक साथ पड़ते हैं पर एक नहीं हैं।

रात्रि का चौघड़िया दिन के क्रम को क्यों नहीं दोहराता?

क्योंकि वह उसी चक्र में पाँच स्थान आगे से आरंभ होता है, और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक चलता है, न कि निश्चित बारह घंटे तक।

अन्य शहरों में चौघड़िया

यह पूरे Chandigarh के लिए एक समान है। आपकी कुंडली नहीं।

ये अवधियाँ सूर्य और वार से बनती हैं, इसलिए पूरा शहर इन्हें साझा करता है। आपके लिए कोई समय वास्तव में शुभ है या नहीं, यह आपकी चल रही दशा और आपकी कुंडली पर चल रहे गोचर से तय होता है।