Mathura का आज का चौघड़िया
शुक्रवार, 2026-08-21 · Mathura, Uttar Pradesh · UTC+5:30
सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
18:51
प्रत्येक दिन-चौघड़िया
97 मिनट
Mathura के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से स्विस एफ़ेमेरिस द्वारा गणना — किसी राष्ट्रीय तालिका पर केवल शहर का नाम बदलकर नहीं। इसीलिए ऊपर की अवधि 97 मिनट है, न कि निश्चित 90।
दिन का चौघड़िया
सूर्योदय 05:54 से सूर्यास्त 18:51 तक, आठ भागों में विभाजित।
| चौघड़िया | से | तक | अवधि | किस कार्य के लिए |
|---|---|---|---|---|
| चर | 05:54 | 07:31 | 97 मिनट | चर अर्थात चलायमान। यात्रा के लिए उपयुक्त, अन्यथा सामान्य। |
| लाभ | 07:31 | 09:08 | 97 मिनट | लाभ का समय। व्यापार, लेन-देन और धन-संबंधी कार्यों के लिए। |
| अमृत | 09:08 | 10:46 | 97 मिनट | दिन का सर्वोत्तम समय। कोई भी शुभ कार्य आरंभ किया जा सकता है। |
| काल | 10:46 | 12:23 | 97 मिनट | हानि का समय। नया कार्य आरंभ करना वर्जित माना गया है। |
| शुभ | 12:23 | 14:00 | 97 मिनट | शुभ समय। विवाह और मांगलिक संस्कारों के लिए उपयुक्त। |
| रोग | 14:00 | 15:37 | 97 मिनट | इस समय नया कार्य आरंभ न करें। रोग और विवाद से संबंधित। |
| उद्वेग | 15:37 | 17:14 | 97 मिनट | चिंता और बाधा का समय। सूर्य द्वारा शासित, राहु काल से भिन्न। |
| चर | 17:14 | 18:51 | 97 मिनट | चर अर्थात चलायमान। यात्रा के लिए उपयुक्त, अन्यथा सामान्य। |
रात्रि का चौघड़िया
सूर्यास्त 18:51 से कल के सूर्योदय तक। क्रम पाँच स्थान आगे से आरंभ होता है — यह दिन की पुनरावृत्ति नहीं है।
| चौघड़िया | से | तक | अवधि | किस कार्य के लिए |
|---|---|---|---|---|
| रोग | 18:51 | 20:14 | 83 मिनट | इस समय नया कार्य आरंभ न करें। रोग और विवाद से संबंधित। |
| उद्वेग | 20:14 | 21:37 | 83 मिनट | चिंता और बाधा का समय। सूर्य द्वारा शासित, राहु काल से भिन्न। |
| चर | 21:37 | 23:00 | 83 मिनट | चर अर्थात चलायमान। यात्रा के लिए उपयुक्त, अन्यथा सामान्य। |
| लाभ | 23:00 | 00:23 | 83 मिनट | लाभ का समय। व्यापार, लेन-देन और धन-संबंधी कार्यों के लिए। |
| अमृत | 00:23 | 01:46 | 83 मिनट | दिन का सर्वोत्तम समय। कोई भी शुभ कार्य आरंभ किया जा सकता है। |
| काल | 01:46 | 03:09 | 83 मिनट | हानि का समय। नया कार्य आरंभ करना वर्जित माना गया है। |
| शुभ | 03:09 | 04:32 | 83 मिनट | शुभ समय। विवाह और मांगलिक संस्कारों के लिए उपयुक्त। |
| रोग | 04:32 | 05:55 | 83 मिनट | इस समय नया कार्य आरंभ न करें। रोग और विवाद से संबंधित। |
Mathura में किस वार को कौन सा चौघड़िया पहले आता है
दिन जिस चौघड़िया से आरंभ होता है वह वार से तय होता है, और उसकी अवधि Mathura के अपने सूर्योदय से — इसलिए यह तालिका दोनों के लिए विशिष्ट है।
| दिन | दिन का आरंभ | पहला शुभ चौघड़िया |
|---|---|---|
| रविवार | उद्वेग · 05:52–07:30 | लाभ · 09:08–10:46 |
| सोमवार | अमृत · 05:52–07:30 | अमृत · 05:52–07:30 |
| मंगलवार | रोग · 05:53–07:30 | लाभ · 10:46–12:23 |
| बुधवार | लाभ · 05:53–07:31 | लाभ · 05:53–07:31 |
| गुरुवार | शुभ · 05:54–07:31 | शुभ · 05:54–07:31 |
| शुक्रवार · आज | चर · 05:54–07:31 | लाभ · 07:31–09:08 |
| शनिवार | काल · 05:55–07:32 | शुभ · 07:32–09:09 |
Mathura के लिए अलग तालिका क्यों
ग्रीष्म और शीत की तुलना
Mathura में दिन का एक चौघड़िया जून संक्रांति पर 104 मिनट और दिसंबर संक्रांति पर 78 मिनट का होता है, क्योंकि दिनमान स्वयं घटता-बढ़ता है। रात्रि में क्रम उल्टा है — 76 मिनट बनाम 102 मिनट। निश्चित 90 मिनट वाली कोई भी तालिका दोनों ऋतुओं में ग़लत रहती है।
निकटतम शहर की तुलना में
Agra Mathura से केवल 48 किलोमीटर दूर है, फिर भी आज वहाँ सूर्योदय 05:53 पर है और Mathura में 05:54 पर। सोलहों चौघड़िया इसी के साथ खिसक जाते हैं — इसीलिए गणना प्रति शहर होती है, प्रति क्षेत्र नहीं।
वर्ष भर में Mathura का दिनमान इतना बदलता है कि दिन का आठवाँ भाग एक छोर से दूसरे छोर तक 26 मिनट तक घट-बढ़ जाता है।
सामान्य प्रश्न
Mathura में आज का शुभ चौघड़िया कौन सा है?
Mathura में आज दिन के शुभ चौघड़िया हैं लाभ (07:31–09:08), अमृत (09:08–10:46), शुभ (12:23–14:00)। इनमें अमृत सर्वश्रेष्ठ है, फिर शुभ, फिर लाभ।
क्या चौघड़िया हमेशा 90 मिनट का होता है?
नहीं। एक चौघड़िया दिनमान का आठवाँ भाग है, इसलिए यह सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ घटता-बढ़ता है। Mathura में आज दिन के चौघड़िया 97 मिनट के और रात्रि के 83 मिनट के हैं।
किस चौघड़िया में कार्य नहीं करना चाहिए?
रोग, काल और उद्वेग। चर सामान्य है और परंपरा से यात्रा के लिए उपयुक्त माना गया है। उद्वेग सूर्य द्वारा शासित है और राहु काल से भिन्न है, जो राहु द्वारा शासित है — दोनों प्रायः एक साथ पड़ते हैं पर एक नहीं हैं।
रात्रि का चौघड़िया दिन के क्रम को क्यों नहीं दोहराता?
क्योंकि वह उसी चक्र में पाँच स्थान आगे से आरंभ होता है, और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक चलता है, न कि निश्चित बारह घंटे तक।
अन्य शहरों में चौघड़िया
यह पूरे Mathura के लिए एक समान है। आपकी कुंडली नहीं।
ये अवधियाँ सूर्य और वार से बनती हैं, इसलिए पूरा शहर इन्हें साझा करता है। आपके लिए कोई समय वास्तव में शुभ है या नहीं, यह आपकी चल रही दशा और आपकी कुंडली पर चल रहे गोचर से तय होता है।