
वैदिक ज्योतिष • दोष
गंडमूल दोष
Gandmool Dosha (Nakshatra Sandhi Dosha)
ग्रह: Mercury/Ketu
गंडमूल दोष तब बनता है जब बालक का जन्म दो राशियों की संधि पर स्थित विशिष्ट नक्षत्रों (रेवती-अश्विनी, अश्लेषा-मघा, ज्येष्ठा-मूल) में होता है।
गंडमूल दोष क्या है?
गंडमूल दोष तब बनता है जब बालक का जन्म दो राशियों की संधि पर स्थित विशिष्ट नक्षत्रों (रेवती-अश्विनी, अश्लेषा-मघा, ज्येष्ठा-मूल) में होता है।
प्रभाव
- बचपन में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां
- तुनकमिजाज स्वभाव
- माता-पिता या भाई-बहनों के लिए चुनौतियां
- जीवन में अप्रत्याशित घटनाएं
- गहरी आध्यात्मिक प्रवृत्ति
उपाय
- जन्म के 27वें दिन गंडमूल शांति पूजा करवाएं
- 27 ब्राह्मणों को दान दें
- संबंधित नक्षत्र के देवता की पूजा करें
- माता-पिता पूजा के बाद ही शिशु का मुख देखें
- महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें
अन्य दोष
दोष है या नहीं — यह आसान सवाल है।
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मंगल दोष कई सामान्य स्थितियों से पूरी तरह निरस्त हो जाता है — मंगल का स्वराशि में होना, गुरु की कुछ दृष्टियाँ, या दूसरी ओर मिलती हुई कुंडली। अधिकांश कैलकुलेटर दोष बता देते हैं और निरस्तीकरण जाँचते ही नहीं — इसीलिए दो साइटें एक ही व्यक्ति को उल्टे उत्तर देती हैं।
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