
वैदिक ज्योतिष • नक्षत्र 14
चित्रा नक्षत्र — स्वामी, देवता और प्रभाव
Chitra Nakshatra in Hindi
Kanya/Tula Rashi · Lord: Mars · Rakshasa Gana · Symbol: Bright Jewel/Pearl · Animal: Tiger
देवता
विश्वकर्मा
स्वामी ग्रह
मंगल
गुण
राक्षस • पृथ्वी/वायु • स्त्री
पद
173.33° — 186.67° (कन्या/तुला)
प्रतीक
दीप्तिमान रत्न/मोती
पशु / वृक्ष
Tiger • Bilva
चित्रा नक्षत्र — हिंदी में परिचय
चित्रा कन्या और तुला राशि में फैला हुआ है। यह मंगल ग्रह से शासित है और इसके अधिष्ठाता देवता विश्वकर्मा (देवताओं के वास्तुकार) हैं। यह नक्षत्र रचनात्मकता, सौंदर्य और वास्तुकला/कलात्मक क्षमताएं प्रदान करता है।
क्या आपका जन्म नक्षत्र चित्रा है?
नक्षत्र आपकी कुंडली का एक हिस्सा है। आपकी पूरी कुंडली बताती है कि आपका जन्म चंद्र सच में चित्रा में है या नहीं, लग्न और ग्रह उसके साथ कैसे बैठे हैं, अभी कौन-सी दशा चल रही है — और करियर, विवाह व आने वाले वर्षों के लिए इसका क्या अर्थ है।
चित्रा नक्षत्र के चार चरण
चित्रा नक्षत्र के चरण 1–2 कन्या राशि में और चरण 3–4 तुला राशि में हैं।
| चरण | राशि | अंश | नवांश |
|---|---|---|---|
| 1 | कन्या | 23°20′ – 26°40′ | सिंह |
| 2 | कन्या | 26°40′ – 30°00′ | कन्या |
| 3 | तुला | 0°00′ – 3°20′ | तुला |
| 4 | तुला | 3°20′ – 6°40′ | वृश्चिक |
चंद्रमा अगली बार चित्रा नक्षत्र में कब होगा?
| प्रारंभ | समाप्त |
|---|---|
| 7 नवंबर, शनिवार, 04:43 | 8 नवंबर, रविवार, 05:52 |
| 4 दिसंबर, शुक्रवार, 10:23 | 5 दिसंबर, शनिवार, 11:49 |
| 31 दिसंबर, गुरुवार, 16:13 | 1 जनवरी, शुक्रवार, 17:29 |
IST
चित्रा नक्षत्र: सुंदरता और दिव्य शिल्पी
चित्रा नक्षत्र २७ नक्षत्रों में चौदहवें स्थान पर है। यह कन्या राशि के २३°२०' से तुला राशि के ६°४०' तक फैला हुआ है। मंगल द्वारा शासित और ब्रह्मांड के वास्तुकार विश्वकर्मा द्वारा निर्देशित, यह नक्षत्र सौंदर्य, शिल्प कौशल और रचनात्मक चमक का प्रतीक है।
'चित्रा' का अर्थ है 'चमकीला' या 'अद्भुत'। इसका प्रतीक 'चमकता हुआ रत्न' (Bright Jewel) या 'मोती' है, जो आंतरिक सुंदरता, बहुमुखी प्रतिभा और पूर्णता की खोज को दर्शाता है। यह नक्षत्र वास्तुकला, डिजाइन और सजावट के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
सकारात्मक लक्षण
- अत्यधिक रचनात्मक और नवीन विचारों वाले
- आकर्षक व्यक्तित्व और चुंबकीय आकर्षण
- साहसी, स्वतंत्र और लक्ष्य के प्रति समर्पित
चुनौतियां
- अत्यधिक आलोचनात्मक और दूसरों की गलतियां ढूंढना
- अहंकार और बाहरी दिखावे पर बहुत अधिक जोर
- रिश्तों में अचानक अलगाव की प्रवृत्ति
करियर और वित्त
चित्रा जातक उन क्षेत्रों में उत्कृष्ट होते हैं जिनमें डिजाइन, संरचना और सौंदर्यशास्त्र शामिल हो। वे महान वास्तुकार, इंजीनियर, कलाकार, ज्वेलरी डिजाइनर और सर्जन बनते हैं। मंगल की ऊर्जा उन्हें तकनीकी क्षेत्रों और सैन्य सेवाओं में भी सफलता दिलाती है।
अनुकूल पेशे:
वास्तुकला और शहरी नियोजन, इंजीनियरिंग, ललित कला और मूर्तिकला, ज्वेलरी डिजाइनिंग, और शल्य चिकित्सा।
विवाह और संबंध
संबंधों में चित्रा जातक बहुत स्वतंत्र होते हैं और उन्हें अपने लिए 'स्पेस' की आवश्यकता होती है। वे एक ऐसे साथी की तलाश करते हैं जो उनकी रचनात्मकता और बुद्धिमत्ता की सराहना करे। कभी-कभी उनका स्पष्टवादी स्वभाव विवाद पैदा कर सकता है। स्वाति और हस्त नक्षत्र के साथ उनकी अनुकूलता अच्छी रहती है।
उपाय और शांति विधि
मंगल को संतुलित करने और विश्वकर्मा जी का आशीर्वाद पाने के लिए:
- भगवान कार्तिकेय या हनुमान जी की पूजा करें।
- अपने घर और कार्यस्थल को व्यवस्थित और सुंदर रखें।
- तांबे की वस्तुओं का दान करें।
- बीज मंत्र: "ॐ चित्रायै नमः" का नियमित जाप करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चित्रा नक्षत्र क्या है?
चित्रा कन्या और तुला राशि में फैला हुआ है। यह मंगल ग्रह से शासित है और इसके अधिष्ठाता देवता विश्वकर्मा (देवताओं के वास्तुकार) हैं। यह नक्षत्र रचनात्मकता, सौंदर्य और वास्तुकला/कलात्मक क्षमताएं प्रदान करता है।
चित्रा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?
चित्रा नक्षत्र का स्वामी ग्रह मंगल है और देवता विश्वकर्मा हैं।
चित्रा नक्षत्र की राशि कौन सी है?
चित्रा नक्षत्र के चरण 1–2 कन्या राशि में और चरण 3–4 तुला राशि में हैं।
चित्रा नक्षत्र का गण क्या है?
चित्रा नक्षत्र राक्षस गण का है।
चित्रा नक्षत्र का किस नक्षत्र से कितना मेल
हर जोड़े के लिए आठों कूट अलग से गिने गए हैं — अंक पर जाइए। सभी नक्षत्र जोड़े
अन्य नक्षत्र
नक्षत्र पाठ की शुरुआत है, अंत नहीं।
चित्रा चंद्र वालों के लिए — यह पृष्ठ बताता है कि इस नक्षत्र का स्वभाव और शास्त्रीय अर्थ क्या है। जो यह नहीं जान सकता, वह है कि आपका चंद्रमा किस भाव में है, और आपकी कुंडली में नक्षत्र-स्वामी की क्या स्थिति है।
जब नक्षत्र का स्वामी उच्च का और केंद्र में हो, वही नक्षत्र बिलकुल अलग व्यवहार करता है, बनिस्बत उसके जब वह स्वामी नीच का होकर आठवें भाव में बैठा हो। और यही नक्षत्र-स्वामी आपकी पहली दशा खोलता है, जो उसके बाद की पूरी समय-रेखा तय करता है।
रिपोर्ट आपके नक्षत्र को उस कुंडली के संदर्भ में पढ़ती है जिसमें वह बैठा है — उसके स्वामी की स्थिति, वह जिस भाव में पड़ता है, और वह जो दशा-क्रम चलाता है।
चित्रा नक्षत्र — आपकी व्यक्तिगत वैदिक रिपोर्ट
पढ़ना मुफ़्त · पूरी रिपोर्ट अनलॉक करें ₹499 · 30+ पेज की PDF
- सिर्फ आपके लिए, सामान्य ज्ञान नहीं
- सटीक उपाय — मंत्र, रत्न, तारीखें
- AI ज्योतिष से 10 सवाल भी पूछ सकते हैं
क्या आप चित्रा नक्षत्र में जन्मे हैं?
अपनी मुफ्त कुंडली बनाएं और अपना जन्म नक्षत्र, चरण, स्वामी ग्रह और पूर्ण ज्योतिषीय विश्लेषण प्राप्त करें।