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चंद्र ग्रहण18 जुलाई 2027

Chandra Grahan — 18 July 2027

संक्षेप में: 18 जुलाई 2027 का चंद्र ग्रहण भारत में दृश्य होगा, पर यह उपच्छाया ग्रहण है — दृश्य कतरन नहीं बल्कि हल्की धुंधलाहट — इसलिए यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा। गुरु पूर्णिमा पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा — जब सूतक ही मान्य नहीं, तो पर्व के समय में कोई बदलाव नहीं।

भारतीय समय (IST) में

उपच्छाया आरंभ
9:27 PM
ग्रहण चरम
9:33 PM
उपच्छाया समाप्त
9:39 PM
प्रकार
उपच्छाया
अवधि
12 मिनट
भारत में दृश्य
हाँ
भारत में सूतक
मान्य नहीं
कहाँ दिखेगा
एशिया (भारत सहित), दक्षिण-पूर्वी रूस, ओशिनिया, अफ्रीका और अंटार्कटिका से दृश्य

ये विश्वव्यापी ग्रहण समय हैं, भारतीय समय में — ग्रहण कब हो रहा है, यह नहीं कि भारत से दिखेगा।

गुरु पूर्णिमा और यह ग्रहण

हर चंद्र ग्रहण पूर्णिमा को ही पड़ता है — चंद्रमा को पृथ्वी की छाया में आने के लिए सूर्य के ठीक सामने होना ज़रूरी है। यह Ashadha पूर्णिमा है, यानी गुरु पूर्णिमा यह उपच्छाया ग्रहण है, इसलिए यहाँ सूतक है ही नहीं और पर्व पर कोई असर नहीं — दृश्यता चाहे जो हो, उपच्छाया ग्रहण में सूतक मान्य नहीं होता, इसलिए 18 जुलाई 2027 को किसी भी समय मनाया जा सकता है।

ज्योतिषीय अर्थ

मकर राशि के आरंभ में, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में उपच्छाया चंद्र ग्रहण — "बाद की, अटल विजय", अधिष्ठाता विश्वेदेव। चंद्रमा यहाँ अभी नई राशि में प्रवेश किया है, इसलिए भाव है ऐसा लक्ष्य जो अभी-अभी दृढ़ हुआ है, परखा हुआ नहीं। सूतक नहीं; इसे किसी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के स्थिर होने के शांत संकेत की तरह देखें।

राशि
मकर 1°43′
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
तिथि
Ashadha Purnima
सर्वाधिक प्रभाव
मकर और कर्क राशि

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 18 जुलाई 2027 का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा?

हाँ — यह भारत के कुछ हिस्सों से दृश्य होगा।

18 जुलाई 2027 के ग्रहण का सूतक काल भारत में कब से लगेगा?

सूतक नहीं लगेगा। यह उपच्छाया ग्रहण है — भारत से दृश्य होगा, पर अधिकांश वैदिक परंपराओं में इसे वास्तविक ग्रहण नहीं माना जाता, इसलिए दृश्यता चाहे जो हो, सूतक मान्य नहीं — मंदिर खुले रहेंगे, भोजन बनाना और खाना सामान्य रहेगा, कोई नियम नहीं लगेगा।

क्या 18 जुलाई 2027 के ग्रहण का गुरु पूर्णिमा पर असर पड़ेगा?

नहीं। गुरु पूर्णिमा Ashadha पूर्णिमा को पड़ता है, और ग्रहण भी उसी पूर्णिमा पर है — पर यह उपच्छाया ग्रहण है, इसलिए दृश्यता चाहे जो हो, सूतक काल मान्य नहीं। गुरु पूर्णिमा 18 जुलाई 2027 को किसी भी समय, हर साल की तरह मनाया जा सकता है।

18 जुलाई 2027 के चंद्र ग्रहण का समय भारत में क्या है?

भारतीय समय (IST) में ग्रहण रात 9:27 बजे से रात 9:39 बजे तक चलेगा, चरम रात 9:33 बजे — कुल 12 मिनट। ये विश्वव्यापी ग्रहण समय को भारतीय समय में बदलकर दिए गए हैं; यह इस दौरान भारत से दृश्य रहेगा।

2027 के अन्य ग्रहण

यह ग्रहण आपकी कुंडली में कहाँ पड़ रहा है?

भारत से दिखना सूतक तय करता है — यह नहीं कि ग्रहण आप पर असर करेगा या नहीं। ग्रहण की डिग्री, मकर 1°43′, आपकी कुंडली के किसी एक भाव में और अक्सर किसी ग्रह पर पड़ती है। असली फ़र्क वही तय करता है।