🌕12 दिन बादरक्षाबंधन के दिन

चंद्र ग्रहण28 अगस्त 2026

Chandra Grahan — 28 August 2026

संक्षेप में: 28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण भारत में कहीं भी दृश्य नहीं होगा — ग्रहण के पूरे समय चंद्रमा यहाँ क्षितिज से नीचे रहेगा। इसलिए भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा। रक्षाबंधन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा — जब सूतक ही मान्य नहीं, तो पर्व के समय में कोई बदलाव नहीं।

भारत में क्यों नहीं दिखेगा — पूरा हिसाब

ग्रहण सुबह 6:54 बजे (IST) से शुरू होगा। उस समय तक भारत के हर शहर में चंद्रास्त हो चुका होगा। उस सुबह पूरे देश में सबसे देर से चंद्रास्त सुबह 6:17 बजे होता है। सूतक दृश्यता पर निर्भर करता है, इसलिए यहाँ पालन करने को कुछ नहीं है।

शहरचंद्रास्तग्रहण आरंभदिखेगा?
दिल्ली5:50 AM6:54 AMनहीं — चंद्रास्त हो चुका
मुंबई6:17 AM6:54 AMनहीं — चंद्रास्त हो चुका
कोलकाता5:10 AM6:54 AMनहीं — चंद्रास्त हो चुका
चेन्नई5:51 AM6:54 AMनहीं — चंद्रास्त हो चुका
गुवाहाटी4:52 AM6:54 AMनहीं — चंद्रास्त हो चुका

चंद्रास्त और ग्रहण के समय स्विस एफेमेरिस से 28 अगस्त 2026 के लिए गणना किए गए।

भारतीय समय (IST) में

उपच्छाया आरंभ
6:54 AM
खंडग्रास आरंभ
8:04 AM
ग्रहण चरम
9:43 AM
खंडग्रास समाप्त
11:22 AM
उपच्छाया समाप्त
12:32 PM
प्रकार
आंशिक (93% ढका हुआ)
अवधि
3 घंटे 18 मिनट
भारत में दृश्य
नहीं
भारत में सूतक
मान्य नहीं
कहाँ दिखेगा
सबसे अच्छा अमेरिका महाद्वीप से; यूरोप और अफ्रीका के कुछ भागों में चंद्रास्त के समय

ये विश्वव्यापी ग्रहण समय हैं, भारतीय समय में — ग्रहण कब हो रहा है, यह नहीं कि भारत से दिखेगा।

रक्षाबंधन और यह ग्रहण

हर चंद्र ग्रहण पूर्णिमा को ही पड़ता है — चंद्रमा को पृथ्वी की छाया में आने के लिए सूर्य के ठीक सामने होना ज़रूरी है। यह Shravana पूर्णिमा है, यानी रक्षाबंधन ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहाँ सूतक है ही नहीं और पर्व पर कोई असर नहीं28 अगस्त 2026 को किसी भी समय, हर साल की तरह मनाया जा सकता है।

ज्योतिषीय अर्थ

गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण, चंद्रमा कुंभ राशि, शतभिषा नक्षत्र में राहु के साथ — यह राहु-ग्रस्त चंद्र ग्रहण है। शतभिषा वैद्य का नक्षत्र है, इसलिए भाव है निदान का: यह स्पष्ट देखना कि आपकी ऊर्जा कहाँ जा रही है। सूर्य ग्रहण के सोलह दिन बाद पड़ने से यह उसी अध्याय को समेटता है।

राशि
कुंभ 10°37′
नक्षत्र
शतभिषा
तिथि
Shravana Purnima
सर्वाधिक प्रभाव
कुंभ और सिंह राशि

तो भारत में अगला चंद्र ग्रहण कब दिखेगा?

21 फ़रवरी 2027 — यही अगला ग्रहण है जिसके समय चंद्रमा भारत में क्षितिज से ऊपर रहेगा, और इसलिए सूतक भी तभी लगेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा?

नहीं। ग्रहण सुबह 6:54 बजे (IST) से शुरू होगा, और उस समय तक भारत के हर शहर में चंद्रास्त हो चुका होगा — उस सुबह भारत में सबसे देर से चंद्रास्त सुबह 6:17 बजे होता है। ग्रहण घटित तो होगा, पर भारत में कोई इसे देख नहीं सकेगा।

28 अगस्त 2026 के ग्रहण का सूतक काल भारत में कब से लगेगा?

सूतक नहीं लगेगा। सूतक इस बात से तय होता है कि ग्रहण आपके स्थान से दिखाई देता है या नहीं — इससे नहीं कि ग्रहण पृथ्वी पर कहीं हो रहा है। यह ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहाँ सूतक मान्य नहीं — मंदिर खुले रहेंगे, भोजन बनाना और खाना सामान्य रहेगा, कोई नियम नहीं लगेगा।

क्या 28 अगस्त 2026 के ग्रहण का रक्षाबंधन पर असर पड़ेगा?

नहीं। रक्षाबंधन Shravana पूर्णिमा को पड़ता है, और ग्रहण भी उसी पूर्णिमा पर है — पर चूँकि ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा, यहाँ कोई सूतक काल नहीं है। रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 को किसी भी समय, हर साल की तरह मनाया जा सकता है।

28 अगस्त 2026 के चंद्र ग्रहण का समय भारत में क्या है?

भारतीय समय (IST) में ग्रहण सुबह 8:04 बजे से सुबह 11:22 बजे तक चलेगा, चरम सुबह 9:43 बजे — कुल 3 घंटे 18 मिनट। ये विश्वव्यापी ग्रहण समय को भारतीय समय में बदलकर दिए गए हैं; इनका अर्थ यह नहीं कि यह भारत से दिखाई देगा।

भारत में अगला चंद्र ग्रहण कब दिखाई देगा?

21 फ़रवरी 2027 — यही अगला ग्रहण है जिसके समय चंद्रमा भारत में क्षितिज से ऊपर रहेगा, और इसलिए यहाँ सूतक भी तभी लगेगा।

2026 के अन्य ग्रहण

यह ग्रहण आपकी कुंडली में कहाँ पड़ रहा है?

भारत से दिखना सूतक तय करता है — यह नहीं कि ग्रहण आप पर असर करेगा या नहीं। ग्रहण की डिग्री, कुंभ 10°37′, आपकी कुंडली के किसी एक भाव में और अक्सर किसी ग्रह पर पड़ती है। असली फ़र्क वही तय करता है।