चंद्र ग्रहण — 21 फरवरी 2027
Chandra Grahan — 21 February 2027
संक्षेप में: 21 फरवरी 2027 का चंद्र ग्रहण भारत में दृश्य होगा, पर यह उपच्छाया ग्रहण है — दृश्य कतरन नहीं बल्कि हल्की धुंधलाहट — इसलिए यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा।
भारतीय समय (IST) में
- उपच्छाया आरंभ
- 2:42 AM
- ग्रहण चरम
- 4:43 AM
- उपच्छाया समाप्त
- 6:43 AM
- प्रकार
- उपच्छाया
- अवधि
- 4 घंटे 1 मिनट
- भारत में दृश्य
- हाँ
- भारत में सूतक
- मान्य नहीं
- कहाँ दिखेगा
- एशिया (पूरे भारत सहित), अफ्रीका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया से दृश्य
ये विश्वव्यापी ग्रहण समय हैं, भारतीय समय में — ग्रहण कब हो रहा है, यह नहीं कि भारत से दिखेगा।
ज्योतिषीय अर्थ
चंद्रमा सिंह राशि, मघा नक्षत्र में उपच्छाया चंद्र ग्रहण — मघा पूर्वजों, वंश और विरासत में मिले अधिकार का नक्षत्र है, स्वामी केतु और अधिष्ठाता पितृगण। हल्का होते हुए भी यह संयोजन विरासत की ओर संकेत करता है — प्रदर्शन के बजाय पद से मिली पहचान, और परिवार या संस्था से जो सौंपा गया है। सूतक नहीं, पर यह देखने योग्य है कि आपका "आसन" वास्तव में किस नींव पर टिका है।
- राशि
- सिंह 7°45′
- नक्षत्र
- मघा
- तिथि
- Magha Pratipada
- सर्वाधिक प्रभाव
- सिंह और कुंभ राशि
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या 21 फरवरी 2027 का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा?
हाँ — यह भारत के कुछ हिस्सों से दृश्य होगा।
21 फरवरी 2027 के ग्रहण का सूतक काल भारत में कब से लगेगा?
सूतक नहीं लगेगा। यह उपच्छाया ग्रहण है — भारत से दृश्य होगा, पर अधिकांश वैदिक परंपराओं में इसे वास्तविक ग्रहण नहीं माना जाता, इसलिए दृश्यता चाहे जो हो, सूतक मान्य नहीं — मंदिर खुले रहेंगे, भोजन बनाना और खाना सामान्य रहेगा, कोई नियम नहीं लगेगा।
21 फरवरी 2027 के चंद्र ग्रहण का समय भारत में क्या है?
भारतीय समय (IST) में ग्रहण रात 2:42 बजे से सुबह 6:43 बजे तक चलेगा, चरम सुबह 4:43 बजे — कुल 4 घंटे 1 मिनट। ये विश्वव्यापी ग्रहण समय को भारतीय समय में बदलकर दिए गए हैं; यह इस दौरान भारत से दृश्य रहेगा।
2027 के अन्य ग्रहण
यह ग्रहण आपकी कुंडली में कहाँ पड़ रहा है?
भारत से दिखना सूतक तय करता है — यह नहीं कि ग्रहण आप पर असर करेगा या नहीं। ग्रहण की डिग्री, सिंह 7°45′, आपकी कुंडली के किसी एक भाव में और अक्सर किसी ग्रह पर पड़ती है। असली फ़र्क वही तय करता है।