सूर्य ग्रहण — 2 अगस्त 2027
Surya Grahan — 2 August 2027
संक्षेप में: 2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण भारत में दृश्य होगा, इसलिए यहाँ सूतक काल मान्य होगा।
भारतीय समय (IST) में
- ग्रहण आरंभ
- 1:00 PM
- पूर्ण ग्रहण आरंभ
- 1:53 PM
- ग्रहण चरम
- 3:37 PM
- पूर्ण ग्रहण समाप्त
- 5:20 PM
- ग्रहण समाप्त
- 6:13 PM
- प्रकार
- पूर्ण
- अवधि
- 5 घंटे 13 मिनट
- भारत में दृश्य
- हाँ
- भारत में सूतक
- मान्य
- कहाँ दिखेगा
- दक्षिणी स्पेन, मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, लीबिया, मिस्र, सूडान, सऊदी अरब, यमन और सोमालिया में पूर्णता; यूरोप, अफ्रीका, मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया (पूरे भारत सहित) में आंशिक
ये विश्वव्यापी ग्रहण समय हैं, भारतीय समय में — ग्रहण कब हो रहा है, यह नहीं कि भारत से दिखेगा।
ज्योतिषीय अर्थ
2027 का वह ग्रहण जो भारत से वास्तव में देखा जाएगा — कर्क राशि, पुष्य नक्षत्र में पूर्ण सूर्य ग्रहण (इस सदी के अधिकांश भाग में सबसे लंबा, चरम पर 6 मिनट से अधिक), यहाँ दोपहर बाद के सूर्य में आंशिक रूप से दिखेगा। कर्क चंद्रमा की अपनी राशि है; पुष्य — "पोषणकर्ता" — व्यापक रूप से सबसे शुभ नक्षत्रों में गिना जाता है, स्वामी शनि है पर स्वभाव रक्षात्मक। साथ में ये घर, भोजन-सुरक्षा, देखभाल और उन लोगों की ओर संकेत करते हैं जो आपको सहारा देते हैं — अचानक टूटन की जगह अमावस्या का यह ग्रहण पोषण की राशि में यह पूछता है कि वास्तव में आपको क्या पोषित कर रहा है, और क्या केवल वैसा दिखता भर है।
- राशि
- कर्क 15°41′
- नक्षत्र
- पुष्य
- तिथि
- Ashadha Amavasya
- सर्वाधिक प्रभाव
- कर्क और मकर राशि
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या 2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा?
हाँ — यह भारत के कुछ हिस्सों से दृश्य होगा।
2 अगस्त 2027 के ग्रहण का सूतक काल भारत में कब से लगेगा?
सूतक ग्रहण से 12 घंटे पहले शुरू होकर ग्रहण समाप्त होने पर खत्म होता है।
2 अगस्त 2027 के सूर्य ग्रहण का समय भारत में क्या है?
भारतीय समय (IST) में ग्रहण दोपहर 1:00 बजे से शाम 6:13 बजे तक चलेगा, चरम दोपहर 3:37 बजे — कुल 5 घंटे 13 मिनट। ये विश्वव्यापी ग्रहण समय को भारतीय समय में बदलकर दिए गए हैं; यह इस दौरान भारत से दृश्य रहेगा।
2027 के अन्य ग्रहण
यह ग्रहण आपकी कुंडली में कहाँ पड़ रहा है?
भारत से दिखना सूतक तय करता है — यह नहीं कि ग्रहण आप पर असर करेगा या नहीं। ग्रहण की डिग्री, कर्क 15°41′, आपकी कुंडली के किसी एक भाव में और अक्सर किसी ग्रह पर पड़ती है। असली फ़र्क वही तय करता है।