अनुराधा — पुनर्वसु नक्षत्र मिलान

अनुराधा नक्षत्र और पुनर्वसु नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 21 अंक मिलते हैं (58%) — स्वीकार्य मेल। आठ में सबसे मज़बूत नाड़ी कूट है। अनुराधा नक्षत्र से पुनर्वसु 18वाँ नक्षत्र है।

21

अंक / 36

स्वीकार्य मेल

प्रतिशत: 58%

विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36

क्या यह 21/36 आप पर भी लागू होता है?

यह पृष्ठ केवल अनुराधा — पुनर्वसु नक्षत्रों से गिना गया है। वश्य कूट यहाँ 0/2 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।

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दोनों नक्षत्रों का विवरण

अनुराधापुनर्वसु
स्वामी ग्रहशनिगुरु
राशिवृश्चिकमिथुन/कर्क
गणदेवदेव
योनिमृगमार्जार
नाड़ीमध्यआदि
तत्वजलवायु
देवतामित्रअदिति
प्रतीककमलधनुष/तरकश
राशि विस्तार213°20' – 226°40'80°00' – 93°20'

आठ कूट — अंकों का विवरण

अंक / 36अनुराधापुनर्वसु
1/1वर्ण कूट
पूरे अंक
जलवायु
0/2वश्य कूट
शून्य अंक
वृश्चिकमिथुन/कर्क
3/3तारा (दिन) कूट
पूरे अंक
18वाँ11वाँ
2/4योनि कूट
आंशिक
मृगमार्जार
1/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी)
कम
मंगलबुध
6/6गण कूट
एक ही गण
देवदेव
0/7भकूट (राशि) कूट
भकूट दोष
8वींछठी
8/8नाड़ी कूट
पूरे अंक
मध्यआदि

अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान

अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।

रज्जुऊरु·उदरहै

ऊरु — उदर, अलग रज्जु।

वेधभरणी·वेध नहींहै

अनुराधा का वेध भरणी है; पुनर्वसु नहीं।

महेंद्र11वाँ·4·7·10·13·16·19·22·25नहीं

पुनर्वसु नक्षत्र से अनुराधा 11वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।

स्त्री-दीर्घ11वाँ·7 से अधिकहै

सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 11 है।

योनि लिंग (काणम्)पुरुष·पुरुषनहीं

दोनों नक्षत्रों का लिंग एक ही है।

इस मेल को क्या तय करता है

स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन

वृश्चिक — मिथुन/कर्क, अंतर 8-6: भकूट दोष। पारिवारिक निर्णय बात करके तय करने होंगे।

मन और निर्णय

मंगल — बुध शत्रु, 1/5। बड़े निर्णय पहले से तय कर लेना ज़रूरी।

शरीर, स्वास्थ्य और संतान

नाड़ी मध्य — आदि, योनि मृग — मार्जार। इस स्तर पर अलग उपाय की ज़रूरत नहीं।

दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं

अनुराधा: स्वामी शनि, देवता मित्र, प्रतीक कमल, देव गण, वृश्चिक राशि। पुनर्वसु: स्वामी गुरु, देवता अदिति, प्रतीक धनुष/तरकश, देव गण, मिथुन/कर्क राशि।

दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा

अनुराधा नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में पुनर्वसु 14वाँ स्थान पर है; अनुराधा के लिए सबसे अधिक ज्येष्ठा (30/36), सबसे कम चित्रा (12.5/36), 18 से ऊपर 17 नक्षत्र। पुनर्वसु के 26 में अनुराधा 17वाँ स्थान पर; पुनर्वसु के लिए सबसे अधिक स्वाती (27/36), सबसे कम ज्येष्ठा (4.5/36), 18 से ऊपर 20।

नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ

अनुराधा नक्षत्र को कन्या का मानकर 21/36। पुनर्वसु को कन्या का मानें तो केवल वर्ण बदलकर 20/36। उस एक अंक के लिए अलग पृष्ठ नहीं — दोनों पाठ यहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनुराधा — पुनर्वसु मिलान में कितने अंक हैं?+

36 में से 21 (58%) — स्वीकार्य मेल। यह पारंपरिक सीमा 18 से ऊपर है।

इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+

वश्य कूट — 0/2। सबसे अधिक नाड़ी कूट — 8/8।

अनुराधा — पुनर्वसु के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+

अनुराधा नक्षत्र से पुनर्वसु 18वाँ; पुनर्वसु नक्षत्र से अनुराधा 11वाँ। राशि के स्तर पर 8वीं — छठी।

क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+

नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।

इन्हीं नक्षत्रों के अन्य जोड़े