रेवती — स्वाती नक्षत्र मिलान
रेवती नक्षत्र और स्वाती नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 12.5 अंक मिलते हैं (35%) — उपाय के साथ विचार योग्य। आठ में सबसे मज़बूत गण कूट है। रेवती नक्षत्र से स्वाती 16वाँ नक्षत्र है।
12.5
अंक / 36
प्रतिशत: 35%
विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36
क्या यह 12.5/36 आप पर भी लागू होता है?
यह पृष्ठ केवल रेवती — स्वाती नक्षत्रों से गिना गया है। भकूट (राशि) कूट यहाँ 0/7 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।
दोनों नक्षत्रों का विवरण
| रेवती | स्वाती | |
|---|---|---|
| स्वामी ग्रह | बुध | राहु |
| राशि | मीन | तुला |
| गण | देव | देव |
| योनि | गज | महिष |
| नाड़ी | अन्त्य | अन्त्य |
| तत्व | जल | वायु |
| देवता | पूषन | वायु |
| प्रतीक | मछली / मृदंग | पौधे की कोंपल / मूंगा |
| राशि विस्तार | 346°40' – 360°00' | 186°40' – 200°00' |
आठ कूट — अंकों का विवरण
| अंक / 36 | रेवती | स्वाती |
|---|---|---|
1/1वर्ण कूट पूरे अंक | जल | वायु |
1/2वश्य कूट आंशिक | मीन | तुला |
1.5/3तारा (दिन) कूट आंशिक | 16वाँ | 13वाँ |
2/4योनि कूट आंशिक | गज | महिष |
1/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी) कम | गुरु | शुक्र |
6/6गण कूट एक ही गण | देव | देव |
0/7भकूट (राशि) कूट भकूट दोष | 8वीं | छठी |
0/8नाड़ी कूट नाड़ी दोष | अन्त्य | अन्त्य |
अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान
अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।
पाद — कंठ, अलग रज्जु।
रेवती का वेध मघा है; स्वाती नहीं।
स्वाती नक्षत्र से रेवती 13वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।
सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 13 है।
दोनों नक्षत्रों का लिंग एक ही है।
इस मेल को क्या तय करता है
स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन
मीन — तुला, अंतर 8-6: भकूट दोष। पारिवारिक निर्णय बात करके तय करने होंगे।
मन और निर्णय
गुरु — शुक्र शत्रु, 1/5। बड़े निर्णय पहले से तय कर लेना ज़रूरी।
शरीर, स्वास्थ्य और संतान
दोनों अन्त्य नाड़ी: नाड़ी दोष, आठ में सबसे भारी कूट। पूरी कुंडली मिलान और उपाय की सलाह चाहिए।
दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं
रेवती: स्वामी बुध, देवता पूषन, प्रतीक मछली / मृदंग, देव गण, मीन राशि। स्वाती: स्वामी राहु, देवता वायु, प्रतीक पौधे की कोंपल / मूंगा, देव गण, तुला राशि।
दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा
रेवती नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में स्वाती 22वाँ स्थान पर है; रेवती के लिए सबसे अधिक उत्तर भाद्रपद (33/36), सबसे कम विशाखा (6.5/36), 18 से ऊपर 18 नक्षत्र। स्वाती के 26 में रेवती 25वाँ स्थान पर; स्वाती के लिए सबसे अधिक भरणी (27.5/36), सबसे कम मघा (10.5/36), 18 से ऊपर 19।
नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ
रेवती नक्षत्र को कन्या का मानकर 12.5/36। स्वाती को कन्या का मानें तो केवल वर्ण बदलकर 11.5/36। उस एक अंक के लिए अलग पृष्ठ नहीं — दोनों पाठ यहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रेवती — स्वाती मिलान में कितने अंक हैं?+
36 में से 12.5 (35%) — उपाय के साथ विचार योग्य। यह पारंपरिक सीमा 18 तक नहीं पहुँचता।
इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+
भकूट (राशि) कूट — 0/7। सबसे अधिक गण कूट — 6/6।
रेवती — स्वाती के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+
रेवती नक्षत्र से स्वाती 16वाँ; स्वाती नक्षत्र से रेवती 13वाँ। राशि के स्तर पर 8वीं — छठी।
क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+
नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।