स्वाती — विशाखा नक्षत्र मिलान

स्वाती नक्षत्र और विशाखा नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 20 अंक मिलते हैं (56%) — स्वीकार्य मेल। आठ में सबसे मज़बूत भकूट (राशि) कूट है। स्वाती नक्षत्र से विशाखा दूसरा नक्षत्र है।

20

अंक / 36

स्वीकार्य मेल

प्रतिशत: 56%

विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36

क्या यह 20/36 आप पर भी लागू होता है?

यह पृष्ठ केवल स्वाती — विशाखा नक्षत्रों से गिना गया है। गण कूट यहाँ 0/6 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।

कार्ड नहीं · शुरू करने के लिए खाता नहीं·पूरी रिपोर्ट ₹699

दोनों नक्षत्रों का विवरण

स्वातीविशाखा
स्वामी ग्रहराहुगुरु
राशितुलातुला/वृश्चिक
गणदेवराक्षस
योनिमहिषव्याघ्र
नाड़ीअन्त्यअन्त्य
तत्ववायुवायु
देवतावायुइंद्रग्नि
प्रतीकपौधे की कोंपल / मूंगाविजय तोरण
राशि विस्तार186°40' – 200°00'200°00' – 213°20'

आठ कूट — अंकों का विवरण

अंक / 36स्वातीविशाखा
1/1वर्ण कूट
पूरे अंक
वायुवायु
2/2वश्य कूट
पूरे अंक
तुलातुला/वृश्चिक
3/3तारा (दिन) कूट
पूरे अंक
दूसरा27वाँ
2/4योनि कूट
आंशिक
महिषव्याघ्र
5/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी)
पूरे अंक
शुक्रशुक्र
0/6गण कूट
शून्य अंक
देवराक्षस
7/7भकूट (राशि) कूट
पूरे अंक
पहलीपहली
0/8नाड़ी कूट
नाड़ी दोष
अन्त्यअन्त्य

अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान

अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।

रज्जुकंठ·उदरहै

कंठ — उदर, अलग रज्जु।

वेधरोहिणी·वेध नहींहै

स्वाती का वेध रोहिणी है; विशाखा नहीं।

महेंद्र27वाँ·4·7·10·13·16·19·22·25नहीं

विशाखा नक्षत्र से स्वाती 27वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।

स्त्री-दीर्घ27वाँ·7 से अधिकहै

सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 27 है।

योनि लिंग (काणम्)स्त्री·स्त्रीनहीं

दोनों नक्षत्रों का लिंग एक ही है।

इस मेल को क्या तय करता है

स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन

देव — राक्षस गण, 0/6। अलग स्वभाव; बदलने के बजाय स्वीकारना काम आता है।

मन और निर्णय

राशि स्वामी शुक्र — शुक्र, मैत्री, 5/5। पैसे और काम के निर्णय आसानी से बनते हैं।

शरीर, स्वास्थ्य और संतान

दोनों अन्त्य नाड़ी: नाड़ी दोष, आठ में सबसे भारी कूट। पूरी कुंडली मिलान और उपाय की सलाह चाहिए।

दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं

स्वाती: स्वामी राहु, देवता वायु, प्रतीक पौधे की कोंपल / मूंगा, देव गण, तुला राशि। विशाखा: स्वामी गुरु, देवता इंद्रग्नि, प्रतीक विजय तोरण, राक्षस गण, तुला/वृश्चिक राशि।

दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा

स्वाती नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में विशाखा 17वाँ स्थान पर है; स्वाती के लिए सबसे अधिक भरणी (27.5/36), सबसे कम मघा (10.5/36), 18 से ऊपर 19 नक्षत्र। विशाखा के 26 में स्वाती 12वाँ स्थान पर; विशाखा के लिए सबसे अधिक धनिष्ठा (30.5/36), सबसे कम रेवती (5.5/36), 18 से ऊपर 17।

नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ

स्वाती नक्षत्र को कन्या का मानकर गिना गया है। क्रम बदलने पर भी 20/36 वही — आठ में सात कूट क्रम नहीं देखते, वर्ण भी यहाँ नहीं बदलता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वाती — विशाखा मिलान में कितने अंक हैं?+

36 में से 20 (56%) — स्वीकार्य मेल। यह पारंपरिक सीमा 18 से ऊपर है।

इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+

गण कूट — 0/6। सबसे अधिक भकूट (राशि) कूट — 7/7।

स्वाती — विशाखा के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+

स्वाती नक्षत्र से विशाखा दूसरा; विशाखा नक्षत्र से स्वाती 27वाँ। राशि के स्तर पर पहली — पहली।

क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+

नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।

इन्हीं नक्षत्रों के अन्य जोड़े