शतभिषा — विशाखा नक्षत्र मिलान

शतभिषा नक्षत्र और विशाखा नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 27 अंक मिलते हैं (75%) — बहुत अच्छा मेल। आठ में सबसे मज़बूत नाड़ी कूट है। शतभिषा नक्षत्र से विशाखा 20वाँ नक्षत्र है।

27

अंक / 36

बहुत अच्छा मेल

प्रतिशत: 75%

विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36

क्या यह 27/36 आप पर भी लागू होता है?

यह पृष्ठ केवल शतभिषा — विशाखा नक्षत्रों से गिना गया है। भकूट (राशि) कूट यहाँ 0/7 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।

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दोनों नक्षत्रों का विवरण

शतभिषाविशाखा
स्वामी ग्रहराहुगुरु
राशिकुंभतुला/वृश्चिक
गणराक्षसराक्षस
योनिअश्वव्याघ्र
नाड़ीआदिअन्त्य
तत्ववायुवायु
देवतावरुणइंद्रग्नि
प्रतीकखाली वृत्त / 1000 फूलविजय तोरण
राशि विस्तार306°40' – 320°00'200°00' – 213°20'

आठ कूट — अंकों का विवरण

अंक / 36शतभिषाविशाखा
1/1वर्ण कूट
पूरे अंक
वायुवायु
2/2वश्य कूट
पूरे अंक
कुंभतुला/वृश्चिक
3/3तारा (दिन) कूट
पूरे अंक
20वाँ9वाँ
2/4योनि कूट
आंशिक
अश्वव्याघ्र
5/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी)
पूरे अंक
शनिशुक्र
6/6गण कूट
एक ही गण
राक्षसराक्षस
0/7भकूट (राशि) कूट
भकूट दोष
9वींपाँचवीं
8/8नाड़ी कूट
पूरे अंक
आदिअन्त्य

अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान

अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।

रज्जुकंठ·उदरहै

कंठ — उदर, अलग रज्जु।

वेधहस्त·वेध नहींहै

शतभिषा का वेध हस्त है; विशाखा नहीं।

महेंद्र9वाँ·4·7·10·13·16·19·22·25नहीं

विशाखा नक्षत्र से शतभिषा 9वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।

स्त्री-दीर्घ9वाँ·7 से अधिकहै

सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 9 है।

योनि लिंग (काणम्)पुरुष·स्त्रीहै

दोनों नक्षत्रों का लिंग अलग है — यह संयोग श्रेष्ठ माना जाता है।

इस मेल को क्या तय करता है

स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन

कुंभ — तुला/वृश्चिक, अंतर 9-5: भकूट दोष। पारिवारिक निर्णय बात करके तय करने होंगे।

मन और निर्णय

राशि स्वामी शनि — शुक्र, मैत्री, 5/5। पैसे और काम के निर्णय आसानी से बनते हैं।

शरीर, स्वास्थ्य और संतान

नाड़ी आदि — अन्त्य, योनि अश्व — व्याघ्र। इस स्तर पर अलग उपाय की ज़रूरत नहीं।

दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं

शतभिषा: स्वामी राहु, देवता वरुण, प्रतीक खाली वृत्त / 1000 फूल, राक्षस गण, कुंभ राशि। विशाखा: स्वामी गुरु, देवता इंद्रग्नि, प्रतीक विजय तोरण, राक्षस गण, तुला/वृश्चिक राशि।

दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा

शतभिषा नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में विशाखा पहला स्थान पर है; शतभिषा के लिए सबसे अधिक विशाखा (27/36), सबसे कम हस्त (7.5/36), 18 से ऊपर 15 नक्षत्र। विशाखा के 26 में शतभिषा तीसरा स्थान पर; विशाखा के लिए सबसे अधिक धनिष्ठा (30.5/36), सबसे कम रेवती (5.5/36), 18 से ऊपर 17।

नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ

शतभिषा नक्षत्र को कन्या का मानकर गिना गया है। क्रम बदलने पर भी 27/36 वही — आठ में सात कूट क्रम नहीं देखते, वर्ण भी यहाँ नहीं बदलता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शतभिषा — विशाखा मिलान में कितने अंक हैं?+

36 में से 27 (75%) — बहुत अच्छा मेल। यह पारंपरिक सीमा 18 से ऊपर है।

इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+

भकूट (राशि) कूट — 0/7। सबसे अधिक नाड़ी कूट — 8/8।

शतभिषा — विशाखा के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+

शतभिषा नक्षत्र से विशाखा 20वाँ; विशाखा नक्षत्र से शतभिषा 9वाँ। राशि के स्तर पर 9वीं — पाँचवीं।

क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+

नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।

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