शतभिषा — उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र मिलान
शतभिषा नक्षत्र और उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 11.5 अंक मिलते हैं (32%) — सावधानी आवश्यक। आठ में सबसे मज़बूत भकूट (राशि) कूट है। शतभिषा नक्षत्र से उत्तर फाल्गुनी 16वाँ नक्षत्र है।
11.5
अंक / 36
प्रतिशत: 32%
विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36
क्या यह 11.5/36 आप पर भी लागू होता है?
यह पृष्ठ केवल शतभिषा — उत्तर फाल्गुनी नक्षत्रों से गिना गया है। वर्ण कूट यहाँ 0/1 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।
दोनों नक्षत्रों का विवरण
| शतभिषा | उत्तर फाल्गुनी | |
|---|---|---|
| स्वामी ग्रह | राहु | सूर्य |
| राशि | कुंभ | सिंह/कन्या |
| गण | राक्षस | मनुष्य |
| योनि | अश्व | गौ |
| नाड़ी | आदि | आदि |
| तत्व | वायु | अग्नि |
| देवता | वरुण | आर्यमन |
| प्रतीक | खाली वृत्त / 1000 फूल | पलंग के पिछले पैर |
| राशि विस्तार | 306°40' – 320°00' | 146°40' – 160°00' |
आठ कूट — अंकों का विवरण
| अंक / 36 | शतभिषा | उत्तर फाल्गुनी |
|---|---|---|
0/1वर्ण कूट शून्य अंक | वायु | अग्नि |
0/2वश्य कूट शून्य अंक | कुंभ | सिंह/कन्या |
1.5/3तारा (दिन) कूट आंशिक | 16वाँ | 13वाँ |
2/4योनि कूट आंशिक | अश्व | गौ |
0/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी) शून्य अंक | शनि | सूर्य |
1/6गण कूट कम | राक्षस | मनुष्य |
7/7भकूट (राशि) कूट पूरे अंक | 7वीं | 7वीं |
0/8नाड़ी कूट नाड़ी दोष | आदि | आदि |
अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान
अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।
कंठ — उदर, अलग रज्जु।
शतभिषा का वेध हस्त है; उत्तर फाल्गुनी नहीं।
उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र से शतभिषा 13वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।
सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 13 है।
दोनों नक्षत्रों का लिंग अलग है — यह संयोग श्रेष्ठ माना जाता है।
इस मेल को क्या तय करता है
स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन
राक्षस — मनुष्य गण, 1/6। अलग स्वभाव; बदलने के बजाय स्वीकारना काम आता है।
मन और निर्णय
शनि — सूर्य शत्रु, 0/5। बड़े निर्णय पहले से तय कर लेना ज़रूरी।
शरीर, स्वास्थ्य और संतान
दोनों आदि नाड़ी: नाड़ी दोष, आठ में सबसे भारी कूट। पूरी कुंडली मिलान और उपाय की सलाह चाहिए।
दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं
शतभिषा: स्वामी राहु, देवता वरुण, प्रतीक खाली वृत्त / 1000 फूल, राक्षस गण, कुंभ राशि। उत्तर फाल्गुनी: स्वामी सूर्य, देवता आर्यमन, प्रतीक पलंग के पिछले पैर, मनुष्य गण, सिंह/कन्या राशि।
दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा
शतभिषा नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में उत्तर फाल्गुनी 24वाँ स्थान पर है; शतभिषा के लिए सबसे अधिक विशाखा (27/36), सबसे कम हस्त (7.5/36), 18 से ऊपर 15 नक्षत्र। उत्तर फाल्गुनी के 26 में शतभिषा 25वाँ स्थान पर; उत्तर फाल्गुनी के लिए सबसे अधिक पूर्व फाल्गुनी (34/36), सबसे कम मूल (10.5/36), 18 से ऊपर 16।
नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ
शतभिषा नक्षत्र को कन्या का मानकर 11.5/36। उत्तर फाल्गुनी को कन्या का मानें तो केवल वर्ण बदलकर 12.5/36। उस एक अंक के लिए अलग पृष्ठ नहीं — दोनों पाठ यहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शतभिषा — उत्तर फाल्गुनी मिलान में कितने अंक हैं?+
36 में से 11.5 (32%) — सावधानी आवश्यक। यह पारंपरिक सीमा 18 तक नहीं पहुँचता।
इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+
वर्ण कूट — 0/1। सबसे अधिक भकूट (राशि) कूट — 7/7।
शतभिषा — उत्तर फाल्गुनी के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+
शतभिषा नक्षत्र से उत्तर फाल्गुनी 16वाँ; उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र से शतभिषा 13वाँ। राशि के स्तर पर 7वीं — 7वीं।
क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+
नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।