उत्तराषाढ़ा — उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र मिलान
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 22 अंक मिलते हैं (61%) — स्वीकार्य मेल। आठ में सबसे मज़बूत नाड़ी कूट है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से उत्तर फाल्गुनी 19वाँ नक्षत्र है।
22
अंक / 36
प्रतिशत: 61%
विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36
क्या यह 22/36 आप पर भी लागू होता है?
यह पृष्ठ केवल उत्तराषाढ़ा — उत्तर फाल्गुनी नक्षत्रों से गिना गया है। वश्य कूट यहाँ 0/2 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।
दोनों नक्षत्रों का विवरण
| उत्तराषाढ़ा | उत्तर फाल्गुनी | |
|---|---|---|
| स्वामी ग्रह | सूर्य | सूर्य |
| राशि | धनु/मकर | सिंह/कन्या |
| गण | मनुष्य | मनुष्य |
| योनि | नकुल | गौ |
| नाड़ी | अन्त्य | आदि |
| तत्व | अग्नि | अग्नि |
| देवता | विश्वेदेवा | आर्यमन |
| प्रतीक | गजदंत | पलंग के पिछले पैर |
| राशि विस्तार | 266°40' – 280°00' | 146°40' – 160°00' |
आठ कूट — अंकों का विवरण
| अंक / 36 | उत्तराषाढ़ा | उत्तर फाल्गुनी |
|---|---|---|
1/1वर्ण कूट पूरे अंक | अग्नि | अग्नि |
0/2वश्य कूट शून्य अंक | धनु/मकर | सिंह/कन्या |
0/3तारा (दिन) कूट शून्य अंक | 19वाँ | 10वाँ |
2/4योनि कूट आंशिक | नकुल | गौ |
5/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी) पूरे अंक | गुरु | सूर्य |
6/6गण कूट एक ही गण | मनुष्य | मनुष्य |
0/7भकूट (राशि) कूट भकूट दोष | 9वीं | पाँचवीं |
8/8नाड़ी कूट पूरे अंक | अन्त्य | आदि |
अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान
अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।
दोनों उदर रज्जु में — एक ही रज्जु, इसे सबसे गंभीरता से देखा जाता है।
उत्तराषाढ़ा का वेध पुनर्वसु है; उत्तर फाल्गुनी नहीं।
उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र से उत्तराषाढ़ा 10वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।
सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 10 है।
दोनों नक्षत्रों का लिंग एक ही है।
इस मेल को क्या तय करता है
स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन
धनु/मकर — सिंह/कन्या, अंतर 9-5: भकूट दोष। पारिवारिक निर्णय बात करके तय करने होंगे।
मन और निर्णय
राशि स्वामी गुरु — सूर्य, मैत्री, 5/5। पैसे और काम के निर्णय आसानी से बनते हैं।
शरीर, स्वास्थ्य और संतान
नाड़ी अन्त्य — आदि, योनि नकुल — गौ। इस स्तर पर अलग उपाय की ज़रूरत नहीं।
दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं
उत्तराषाढ़ा: स्वामी सूर्य, देवता विश्वेदेवा, प्रतीक गजदंत, मनुष्य गण, धनु/मकर राशि। उत्तर फाल्गुनी: स्वामी सूर्य, देवता आर्यमन, प्रतीक पलंग के पिछले पैर, मनुष्य गण, सिंह/कन्या राशि।
दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में उत्तर फाल्गुनी 13वाँ स्थान पर है; उत्तराषाढ़ा के लिए सबसे अधिक पूर्वाषाढ़ा (34/36), सबसे कम आश्लेषा (9.5/36), 18 से ऊपर 17 नक्षत्र। उत्तर फाल्गुनी के 26 में उत्तराषाढ़ा 10वाँ स्थान पर; उत्तर फाल्गुनी के लिए सबसे अधिक पूर्व फाल्गुनी (34/36), सबसे कम मूल (10.5/36), 18 से ऊपर 16।
नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र को कन्या का मानकर गिना गया है। क्रम बदलने पर भी 22/36 वही — आठ में सात कूट क्रम नहीं देखते, वर्ण भी यहाँ नहीं बदलता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तराषाढ़ा — उत्तर फाल्गुनी मिलान में कितने अंक हैं?+
36 में से 22 (61%) — स्वीकार्य मेल। यह पारंपरिक सीमा 18 से ऊपर है।
इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+
वश्य कूट — 0/2। सबसे अधिक नाड़ी कूट — 8/8।
उत्तराषाढ़ा — उत्तर फाल्गुनी के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से उत्तर फाल्गुनी 19वाँ; उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र से उत्तराषाढ़ा 10वाँ। राशि के स्तर पर 9वीं — पाँचवीं।
क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+
नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।