पूर्व फाल्गुनी — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र मिलान

पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 25 अंक मिलते हैं (69%) — बहुत अच्छा मेल। आठ में सबसे मज़बूत नाड़ी कूट है। पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र से उत्तराषाढ़ा 11वाँ नक्षत्र है।

25

अंक / 36

बहुत अच्छा मेल

प्रतिशत: 69%

विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36

क्या यह 25/36 आप पर भी लागू होता है?

यह पृष्ठ केवल पूर्व फाल्गुनी — उत्तराषाढ़ा नक्षत्रों से गिना गया है। वश्य कूट यहाँ 0/2 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।

कार्ड नहीं · शुरू करने के लिए खाता नहीं·पूरी रिपोर्ट ₹699

दोनों नक्षत्रों का विवरण

पूर्व फाल्गुनीउत्तराषाढ़ा
स्वामी ग्रहशुक्रसूर्य
राशिसिंहधनु/मकर
गणमनुष्यमनुष्य
योनिमूषकनकुल
नाड़ीमध्यअन्त्य
तत्वअग्निअग्नि
देवताभगविश्वेदेवा
प्रतीकपलंग की आगे की टाँगेंगजदंत
राशि विस्तार133°20' – 146°40'266°40' – 280°00'

आठ कूट — अंकों का विवरण

अंक / 36पूर्व फाल्गुनीउत्तराषाढ़ा
1/1वर्ण कूट
पूरे अंक
अग्निअग्नि
0/2वश्य कूट
शून्य अंक
सिंहधनु/मकर
3/3तारा (दिन) कूट
पूरे अंक
11वाँ18वाँ
2/4योनि कूट
आंशिक
मूषकनकुल
5/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी)
पूरे अंक
सूर्यगुरु
6/6गण कूट
एक ही गण
मनुष्यमनुष्य
0/7भकूट (राशि) कूट
भकूट दोष
पाँचवीं9वीं
8/8नाड़ी कूट
पूरे अंक
मध्यअन्त्य

अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान

अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।

रज्जुऊरु·उदरहै

ऊरु — उदर, अलग रज्जु।

वेधउत्तर भाद्रपद·वेध नहींहै

पूर्व फाल्गुनी का वेध उत्तर भाद्रपद है; उत्तराषाढ़ा नहीं।

महेंद्र18वाँ·4·7·10·13·16·19·22·25नहीं

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से पूर्व फाल्गुनी 18वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।

स्त्री-दीर्घ18वाँ·7 से अधिकहै

सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 18 है।

योनि लिंग (काणम्)स्त्री·स्त्रीनहीं

दोनों नक्षत्रों का लिंग एक ही है।

इस मेल को क्या तय करता है

स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन

सिंह — धनु/मकर, अंतर 5-9: भकूट दोष। पारिवारिक निर्णय बात करके तय करने होंगे।

मन और निर्णय

राशि स्वामी सूर्य — गुरु, मैत्री, 5/5। पैसे और काम के निर्णय आसानी से बनते हैं।

शरीर, स्वास्थ्य और संतान

नाड़ी मध्य — अन्त्य, योनि मूषक — नकुल। इस स्तर पर अलग उपाय की ज़रूरत नहीं।

दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं

पूर्व फाल्गुनी: स्वामी शुक्र, देवता भग, प्रतीक पलंग की आगे की टाँगें, मनुष्य गण, सिंह राशि। उत्तराषाढ़ा: स्वामी सूर्य, देवता विश्वेदेवा, प्रतीक गजदंत, मनुष्य गण, धनु/मकर राशि।

दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा

पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में उत्तराषाढ़ा 7वाँ स्थान पर है; पूर्व फाल्गुनी के लिए सबसे अधिक उत्तर फाल्गुनी (34/36), सबसे कम धनिष्ठा (5.5/36), 18 से ऊपर 17 नक्षत्र। उत्तराषाढ़ा के 26 में पूर्व फाल्गुनी 10वाँ स्थान पर; उत्तराषाढ़ा के लिए सबसे अधिक पूर्वाषाढ़ा (34/36), सबसे कम आश्लेषा (9.5/36), 18 से ऊपर 17।

नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ

पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र को कन्या का मानकर गिना गया है। क्रम बदलने पर भी 25/36 वही — आठ में सात कूट क्रम नहीं देखते, वर्ण भी यहाँ नहीं बदलता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्व फाल्गुनी — उत्तराषाढ़ा मिलान में कितने अंक हैं?+

36 में से 25 (69%) — बहुत अच्छा मेल। यह पारंपरिक सीमा 18 से ऊपर है।

इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+

वश्य कूट — 0/2। सबसे अधिक नाड़ी कूट — 8/8।

पूर्व फाल्गुनी — उत्तराषाढ़ा के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+

पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र से उत्तराषाढ़ा 11वाँ; उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से पूर्व फाल्गुनी 18वाँ। राशि के स्तर पर पाँचवीं — 9वीं।

क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+

नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।

इन्हीं नक्षत्रों के अन्य जोड़े