मघा — पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र मिलान

मघा नक्षत्र और पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 31 अंक मिलते हैं (86%) — उत्तम मेल। आठ में सबसे मज़बूत नाड़ी कूट है। मघा नक्षत्र से पूर्व फाल्गुनी दूसरा नक्षत्र है।

31

अंक / 36

उत्तम मेल

प्रतिशत: 86%

विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36

क्या यह 31/36 आप पर भी लागू होता है?

यह पृष्ठ केवल मघा — पूर्व फाल्गुनी नक्षत्रों से गिना गया है। गण कूट यहाँ 1/6 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।

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दोनों नक्षत्रों का विवरण

मघापूर्व फाल्गुनी
स्वामी ग्रहकेतुशुक्र
राशिसिंहसिंह
गणराक्षसमनुष्य
योनिमूषकमूषक
नाड़ीअन्त्यमध्य
तत्वअग्निअग्नि
देवतापितृ (पूर्वज)भग
प्रतीकशाही सिंहासनपलंग की आगे की टाँगें
राशि विस्तार120°00' – 133°20'133°20' – 146°40'

आठ कूट — अंकों का विवरण

अंक / 36मघापूर्व फाल्गुनी
1/1वर्ण कूट
पूरे अंक
अग्निअग्नि
2/2वश्य कूट
पूरे अंक
सिंहसिंह
3/3तारा (दिन) कूट
पूरे अंक
दूसरा27वाँ
4/4योनि कूट
एक ही योनि
मूषकमूषक
5/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी)
पूरे अंक
सूर्यसूर्य
1/6गण कूट
कम
राक्षसमनुष्य
7/7भकूट (राशि) कूट
पूरे अंक
पहलीपहली
8/8नाड़ी कूट
पूरे अंक
अन्त्यमध्य

अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान

अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।

रज्जुपाद·ऊरुहै

पाद — ऊरु, अलग रज्जु।

वेधरेवती·वेध नहींहै

मघा का वेध रेवती है; पूर्व फाल्गुनी नहीं।

महेंद्र27वाँ·4·7·10·13·16·19·22·25नहीं

पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र से मघा 27वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।

स्त्री-दीर्घ27वाँ·7 से अधिकहै

सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 27 है।

योनि लिंग (काणम्)स्त्री·स्त्रीनहीं

दोनों नक्षत्रों का लिंग एक ही है।

इस मेल को क्या तय करता है

स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन

राक्षस — मनुष्य गण, 1/6। अलग स्वभाव; बदलने के बजाय स्वीकारना काम आता है।

मन और निर्णय

राशि स्वामी सूर्य — सूर्य, मैत्री, 5/5। पैसे और काम के निर्णय आसानी से बनते हैं।

शरीर, स्वास्थ्य और संतान

नाड़ी अन्त्य — मध्य, योनि मूषक — मूषक। इस स्तर पर अलग उपाय की ज़रूरत नहीं।

दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं

मघा: स्वामी केतु, देवता पितृ (पूर्वज), प्रतीक शाही सिंहासन, राक्षस गण, सिंह राशि। पूर्व फाल्गुनी: स्वामी शुक्र, देवता भग, प्रतीक पलंग की आगे की टाँगें, मनुष्य गण, सिंह राशि।

दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा

मघा नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में पूर्व फाल्गुनी दूसरा स्थान पर है; मघा के लिए सबसे अधिक ज्येष्ठा (31/36), सबसे कम श्रवण (4.5/36), 18 से ऊपर 14 नक्षत्र। पूर्व फाल्गुनी के 26 में मघा दूसरा स्थान पर; पूर्व फाल्गुनी के लिए सबसे अधिक उत्तर फाल्गुनी (34/36), सबसे कम धनिष्ठा (5.5/36), 18 से ऊपर 17।

नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ

मघा नक्षत्र को कन्या का मानकर गिना गया है। क्रम बदलने पर भी 31/36 वही — आठ में सात कूट क्रम नहीं देखते, वर्ण भी यहाँ नहीं बदलता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मघा — पूर्व फाल्गुनी मिलान में कितने अंक हैं?+

36 में से 31 (86%) — उत्तम मेल। यह पारंपरिक सीमा 18 से ऊपर है।

इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+

गण कूट — 1/6। सबसे अधिक नाड़ी कूट — 8/8।

मघा — पूर्व फाल्गुनी के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+

मघा नक्षत्र से पूर्व फाल्गुनी दूसरा; पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र से मघा 27वाँ। राशि के स्तर पर पहली — पहली।

क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+

नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।

इन्हीं नक्षत्रों के अन्य जोड़े