कृत्तिका — मघा नक्षत्र मिलान

कृत्तिका नक्षत्र और मघा नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 15.5 अंक मिलते हैं (43%) — उपाय के साथ विचार योग्य। आठ में सबसे मज़बूत गण कूट है। कृत्तिका नक्षत्र से मघा 8वाँ नक्षत्र है।

15.5

अंक / 36

उपाय के साथ विचार योग्य

प्रतिशत: 43%

विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36

क्या यह 15.5/36 आप पर भी लागू होता है?

यह पृष्ठ केवल कृत्तिका — मघा नक्षत्रों से गिना गया है। वश्य कूट यहाँ 0/2 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।

कार्ड नहीं · शुरू करने के लिए खाता नहीं·पूरी रिपोर्ट ₹699

दोनों नक्षत्रों का विवरण

कृत्तिकामघा
स्वामी ग्रहसूर्यकेतु
राशिमेष/वृषभसिंह
गणराक्षसराक्षस
योनिमेषमूषक
नाड़ीअन्त्यअन्त्य
तत्वअग्निअग्नि
देवताअग्निपितृ (पूर्वज)
प्रतीकउस्तरा/लौशाही सिंहासन
राशि विस्तार26°40' – 40°00'120°00' – 133°20'

आठ कूट — अंकों का विवरण

अंक / 36कृत्तिकामघा
1/1वर्ण कूट
पूरे अंक
अग्निअग्नि
0/2वश्य कूट
शून्य अंक
मेष/वृषभसिंह
1.5/3तारा (दिन) कूट
आंशिक
8वाँ21वाँ
2/4योनि कूट
आंशिक
मेषमूषक
5/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी)
पूरे अंक
मंगलसूर्य
6/6गण कूट
एक ही गण
राक्षसराक्षस
0/7भकूट (राशि) कूट
भकूट दोष
पाँचवीं9वीं
0/8नाड़ी कूट
नाड़ी दोष
अन्त्यअन्त्य

अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान

अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।

रज्जुउदर·पादहै

उदर — पाद, अलग रज्जु।

वेधविशाखा·वेध नहींहै

कृत्तिका का वेध विशाखा है; मघा नहीं।

महेंद्र21वाँ·4·7·10·13·16·19·22·25नहीं

मघा नक्षत्र से कृत्तिका 21वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।

स्त्री-दीर्घ21वाँ·7 से अधिकहै

सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 21 है।

योनि लिंग (काणम्)स्त्री·स्त्रीनहीं

दोनों नक्षत्रों का लिंग एक ही है।

इस मेल को क्या तय करता है

स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन

मेष/वृषभ — सिंह, अंतर 5-9: भकूट दोष। पारिवारिक निर्णय बात करके तय करने होंगे।

मन और निर्णय

राशि स्वामी मंगल — सूर्य, मैत्री, 5/5। पैसे और काम के निर्णय आसानी से बनते हैं।

शरीर, स्वास्थ्य और संतान

दोनों अन्त्य नाड़ी: नाड़ी दोष, आठ में सबसे भारी कूट। पूरी कुंडली मिलान और उपाय की सलाह चाहिए।

दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं

कृत्तिका: स्वामी सूर्य, देवता अग्नि, प्रतीक उस्तरा/लौ, राक्षस गण, मेष/वृषभ राशि। मघा: स्वामी केतु, देवता पितृ (पूर्वज), प्रतीक शाही सिंहासन, राक्षस गण, सिंह राशि।

दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा

कृत्तिका नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में मघा 21वाँ स्थान पर है; कृत्तिका के लिए सबसे अधिक भरणी (29/36), सबसे कम रेवती (8.5/36), 18 से ऊपर 15 नक्षत्र। मघा के 26 में कृत्तिका 20वाँ स्थान पर; मघा के लिए सबसे अधिक ज्येष्ठा (31/36), सबसे कम श्रवण (4.5/36), 18 से ऊपर 14।

नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ

कृत्तिका नक्षत्र को कन्या का मानकर गिना गया है। क्रम बदलने पर भी 15.5/36 वही — आठ में सात कूट क्रम नहीं देखते, वर्ण भी यहाँ नहीं बदलता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृत्तिका — मघा मिलान में कितने अंक हैं?+

36 में से 15.5 (43%) — उपाय के साथ विचार योग्य। यह पारंपरिक सीमा 18 तक नहीं पहुँचता।

इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+

वश्य कूट — 0/2। सबसे अधिक गण कूट — 6/6।

कृत्तिका — मघा के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+

कृत्तिका नक्षत्र से मघा 8वाँ; मघा नक्षत्र से कृत्तिका 21वाँ। राशि के स्तर पर पाँचवीं — 9वीं।

क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+

नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।

इन्हीं नक्षत्रों के अन्य जोड़े