कृत्तिका — रोहिणी नक्षत्र मिलान

कृत्तिका नक्षत्र और रोहिणी नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 12 अंक मिलते हैं (33%) — उपाय के साथ विचार योग्य। आठ में सबसे मज़बूत तारा (दिन) कूट है। कृत्तिका नक्षत्र से रोहिणी दूसरा नक्षत्र है।

12

अंक / 36

उपाय के साथ विचार योग्य

प्रतिशत: 33%

विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36

क्या यह 12/36 आप पर भी लागू होता है?

यह पृष्ठ केवल कृत्तिका — रोहिणी नक्षत्रों से गिना गया है। भकूट (राशि) कूट यहाँ 0/7 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।

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दोनों नक्षत्रों का विवरण

कृत्तिकारोहिणी
स्वामी ग्रहसूर्यचंद्रमा
राशिमेष/वृषभवृषभ
गणराक्षसमनुष्य
योनिमेषसर्प
नाड़ीअन्त्यअन्त्य
तत्वअग्निपृथ्वी
देवताअग्निब्रह्मा
प्रतीकउस्तरा/लौरथ
राशि विस्तार26°40' – 40°00'40°00' – 53°20'

आठ कूट — अंकों का विवरण

अंक / 36कृत्तिकारोहिणी
1/1वर्ण कूट
पूरे अंक
अग्निपृथ्वी
2/2वश्य कूट
पूरे अंक
मेष/वृषभवृषभ
3/3तारा (दिन) कूट
पूरे अंक
दूसरा27वाँ
2/4योनि कूट
आंशिक
मेषसर्प
3/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी)
आंशिक
मंगलशुक्र
1/6गण कूट
कम
राक्षसमनुष्य
0/7भकूट (राशि) कूट
भकूट दोष
दूसरी12वीं
0/8नाड़ी कूट
नाड़ी दोष
अन्त्यअन्त्य

अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान

अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।

रज्जुउदर·कंठहै

उदर — कंठ, अलग रज्जु।

वेधविशाखा·वेध नहींहै

कृत्तिका का वेध विशाखा है; रोहिणी नहीं।

महेंद्र27वाँ·4·7·10·13·16·19·22·25नहीं

रोहिणी नक्षत्र से कृत्तिका 27वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।

स्त्री-दीर्घ27वाँ·7 से अधिकहै

सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 27 है।

योनि लिंग (काणम्)स्त्री·स्त्रीनहीं

दोनों नक्षत्रों का लिंग एक ही है।

इस मेल को क्या तय करता है

स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन

राक्षस — मनुष्य गण, 1/6। अलग स्वभाव; बदलने के बजाय स्वीकारना काम आता है।

मन और निर्णय

मंगल — शुक्र तटस्थ, 3/5। सामान्य बातचीत में निर्णय बन जाते हैं।

शरीर, स्वास्थ्य और संतान

दोनों अन्त्य नाड़ी: नाड़ी दोष, आठ में सबसे भारी कूट। पूरी कुंडली मिलान और उपाय की सलाह चाहिए।

दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं

कृत्तिका: स्वामी सूर्य, देवता अग्नि, प्रतीक उस्तरा/लौ, राक्षस गण, मेष/वृषभ राशि। रोहिणी: स्वामी चंद्रमा, देवता ब्रह्मा, प्रतीक रथ, मनुष्य गण, वृषभ राशि।

दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा

कृत्तिका नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में रोहिणी 24वाँ स्थान पर है; कृत्तिका के लिए सबसे अधिक भरणी (29/36), सबसे कम रेवती (8.5/36), 18 से ऊपर 15 नक्षत्र। रोहिणी के 26 में कृत्तिका 25वाँ स्थान पर; रोहिणी के लिए सबसे अधिक मृगशिरा (35/36), सबसे कम उत्तराषाढ़ा (11/36), 18 से ऊपर 17।

नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ

कृत्तिका नक्षत्र को कन्या का मानकर 12/36। रोहिणी को कन्या का मानें तो केवल वर्ण बदलकर 11/36। उस एक अंक के लिए अलग पृष्ठ नहीं — दोनों पाठ यहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृत्तिका — रोहिणी मिलान में कितने अंक हैं?+

36 में से 12 (33%) — उपाय के साथ विचार योग्य। यह पारंपरिक सीमा 18 तक नहीं पहुँचता।

इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+

भकूट (राशि) कूट — 0/7। सबसे अधिक तारा (दिन) कूट — 3/3।

कृत्तिका — रोहिणी के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+

कृत्तिका नक्षत्र से रोहिणी दूसरा; रोहिणी नक्षत्र से कृत्तिका 27वाँ। राशि के स्तर पर दूसरी — 12वीं।

क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+

नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।

इन्हीं नक्षत्रों के अन्य जोड़े