रोहिणी — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र मिलान
रोहिणी नक्षत्र और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 11 अंक मिलते हैं (31%) — सावधानी आवश्यक। आठ में सबसे मज़बूत गण कूट है। रोहिणी नक्षत्र से उत्तराषाढ़ा 18वाँ नक्षत्र है।
11
अंक / 36
प्रतिशत: 31%
विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36
क्या यह 11/36 आप पर भी लागू होता है?
यह पृष्ठ केवल रोहिणी — उत्तराषाढ़ा नक्षत्रों से गिना गया है। वर्ण कूट यहाँ 0/1 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।
दोनों नक्षत्रों का विवरण
| रोहिणी | उत्तराषाढ़ा | |
|---|---|---|
| स्वामी ग्रह | चंद्रमा | सूर्य |
| राशि | वृषभ | धनु/मकर |
| गण | मनुष्य | मनुष्य |
| योनि | सर्प | नकुल |
| नाड़ी | अन्त्य | अन्त्य |
| तत्व | पृथ्वी | अग्नि |
| देवता | ब्रह्मा | विश्वेदेवा |
| प्रतीक | रथ | गजदंत |
| राशि विस्तार | 40°00' – 53°20' | 266°40' – 280°00' |
आठ कूट — अंकों का विवरण
| अंक / 36 | रोहिणी | उत्तराषाढ़ा |
|---|---|---|
0/1वर्ण कूट शून्य अंक | पृथ्वी | अग्नि |
1/2वश्य कूट आंशिक | वृषभ | धनु/मकर |
3/3तारा (दिन) कूट पूरे अंक | 18वाँ | 11वाँ |
0/4योनि कूट शत्रु योनि | सर्प | नकुल |
1/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी) कम | शुक्र | गुरु |
6/6गण कूट एक ही गण | मनुष्य | मनुष्य |
0/7भकूट (राशि) कूट भकूट दोष | 8वीं | छठी |
0/8नाड़ी कूट नाड़ी दोष | अन्त्य | अन्त्य |
अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान
अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।
कंठ — उदर, अलग रज्जु।
रोहिणी का वेध स्वाती है; उत्तराषाढ़ा नहीं।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से रोहिणी 11वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।
सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 11 है।
दोनों नक्षत्रों का लिंग एक ही है।
इस मेल को क्या तय करता है
स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन
वृषभ — धनु/मकर, अंतर 8-6: भकूट दोष। पारिवारिक निर्णय बात करके तय करने होंगे।
मन और निर्णय
शुक्र — गुरु शत्रु, 1/5। बड़े निर्णय पहले से तय कर लेना ज़रूरी।
शरीर, स्वास्थ्य और संतान
दोनों अन्त्य नाड़ी: नाड़ी दोष, आठ में सबसे भारी कूट। पूरी कुंडली मिलान और उपाय की सलाह चाहिए।
दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं
रोहिणी: स्वामी चंद्रमा, देवता ब्रह्मा, प्रतीक रथ, मनुष्य गण, वृषभ राशि। उत्तराषाढ़ा: स्वामी सूर्य, देवता विश्वेदेवा, प्रतीक गजदंत, मनुष्य गण, धनु/मकर राशि।
दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा
रोहिणी नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में उत्तराषाढ़ा 26वाँ स्थान पर है; रोहिणी के लिए सबसे अधिक मृगशिरा (35/36), सबसे कम उत्तराषाढ़ा (11/36), 18 से ऊपर 17 नक्षत्र। उत्तराषाढ़ा के 26 में रोहिणी 23वाँ स्थान पर; उत्तराषाढ़ा के लिए सबसे अधिक पूर्वाषाढ़ा (34/36), सबसे कम आश्लेषा (9.5/36), 18 से ऊपर 17।
नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ
रोहिणी नक्षत्र को कन्या का मानकर 11/36। उत्तराषाढ़ा को कन्या का मानें तो केवल वर्ण बदलकर 12/36। उस एक अंक के लिए अलग पृष्ठ नहीं — दोनों पाठ यहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रोहिणी — उत्तराषाढ़ा मिलान में कितने अंक हैं?+
36 में से 11 (31%) — सावधानी आवश्यक। यह पारंपरिक सीमा 18 तक नहीं पहुँचता।
इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+
वर्ण कूट — 0/1। सबसे अधिक गण कूट — 6/6।
रोहिणी — उत्तराषाढ़ा के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+
रोहिणी नक्षत्र से उत्तराषाढ़ा 18वाँ; उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से रोहिणी 11वाँ। राशि के स्तर पर 8वीं — छठी।
क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+
नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।