पूर्वाषाढ़ा — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र मिलान
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 34 अंक मिलते हैं (94%) — उत्तम मेल। आठ में सबसे मज़बूत नाड़ी कूट है। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र से उत्तराषाढ़ा दूसरा नक्षत्र है।
34
अंक / 36
प्रतिशत: 94%
विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36
क्या यह 34/36 आप पर भी लागू होता है?
यह पृष्ठ केवल पूर्वाषाढ़ा — उत्तराषाढ़ा नक्षत्रों से गिना गया है। योनि कूट यहाँ 2/4 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।
दोनों नक्षत्रों का विवरण
| पूर्वाषाढ़ा | उत्तराषाढ़ा | |
|---|---|---|
| स्वामी ग्रह | शुक्र | सूर्य |
| राशि | धनु | धनु/मकर |
| गण | मनुष्य | मनुष्य |
| योनि | वानर | नकुल |
| नाड़ी | मध्य | अन्त्य |
| तत्व | अग्नि | अग्नि |
| देवता | आपस् (जल) | विश्वेदेवा |
| प्रतीक | गजदंत / पंखा | गजदंत |
| राशि विस्तार | 253°20' – 266°40' | 266°40' – 280°00' |
आठ कूट — अंकों का विवरण
| अंक / 36 | पूर्वाषाढ़ा | उत्तराषाढ़ा |
|---|---|---|
1/1वर्ण कूट पूरे अंक | अग्नि | अग्नि |
2/2वश्य कूट पूरे अंक | धनु | धनु/मकर |
3/3तारा (दिन) कूट पूरे अंक | दूसरा | 27वाँ |
2/4योनि कूट आंशिक | वानर | नकुल |
5/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी) पूरे अंक | गुरु | गुरु |
6/6गण कूट एक ही गण | मनुष्य | मनुष्य |
7/7भकूट (राशि) कूट पूरे अंक | पहली | पहली |
8/8नाड़ी कूट पूरे अंक | मध्य | अन्त्य |
अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान
अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।
ऊरु — उदर, अलग रज्जु।
पूर्वाषाढ़ा का वेध पुष्य है; उत्तराषाढ़ा नहीं।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से पूर्वाषाढ़ा 27वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।
सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 27 है।
दोनों नक्षत्रों का लिंग एक ही है।
इस मेल को क्या तय करता है
स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन
दोनों मनुष्य गण; राशि अंतर 1-1, भकूट दोष नहीं। रोज़मर्रा की समझ सहज।
मन और निर्णय
राशि स्वामी गुरु — गुरु, मैत्री, 5/5। पैसे और काम के निर्णय आसानी से बनते हैं।
शरीर, स्वास्थ्य और संतान
नाड़ी मध्य — अन्त्य, योनि वानर — नकुल। इस स्तर पर अलग उपाय की ज़रूरत नहीं।
दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं
पूर्वाषाढ़ा: स्वामी शुक्र, देवता आपस् (जल), प्रतीक गजदंत / पंखा, मनुष्य गण, धनु राशि। उत्तराषाढ़ा: स्वामी सूर्य, देवता विश्वेदेवा, प्रतीक गजदंत, मनुष्य गण, धनु/मकर राशि।
दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में उत्तराषाढ़ा पहला स्थान पर है; पूर्वाषाढ़ा के लिए सबसे अधिक उत्तराषाढ़ा (34/36), सबसे कम धनिष्ठा (9.5/36), 18 से ऊपर 17 नक्षत्र। उत्तराषाढ़ा के 26 में पूर्वाषाढ़ा पहला स्थान पर; उत्तराषाढ़ा के लिए सबसे अधिक पूर्वाषाढ़ा (34/36), सबसे कम आश्लेषा (9.5/36), 18 से ऊपर 17।
नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र को कन्या का मानकर गिना गया है। क्रम बदलने पर भी 34/36 वही — आठ में सात कूट क्रम नहीं देखते, वर्ण भी यहाँ नहीं बदलता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पूर्वाषाढ़ा — उत्तराषाढ़ा मिलान में कितने अंक हैं?+
36 में से 34 (94%) — उत्तम मेल। यह पारंपरिक सीमा 18 से ऊपर है।
इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+
योनि कूट — 2/4। सबसे अधिक नाड़ी कूट — 8/8।
पूर्वाषाढ़ा — उत्तराषाढ़ा के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र से उत्तराषाढ़ा दूसरा; उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से पूर्वाषाढ़ा 27वाँ। राशि के स्तर पर पहली — पहली।
क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+
नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।