हस्त — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र मिलान

हस्त नक्षत्र और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 28 अंक मिलते हैं (78%) — उत्तम मेल। आठ में सबसे मज़बूत नाड़ी कूट है। हस्त नक्षत्र से उत्तराषाढ़ा 9वाँ नक्षत्र है।

28

अंक / 36

उत्तम मेल

प्रतिशत: 78%

विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36

क्या यह 28/36 आप पर भी लागू होता है?

यह पृष्ठ केवल हस्त — उत्तराषाढ़ा नक्षत्रों से गिना गया है। वर्ण कूट यहाँ 0/1 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।

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दोनों नक्षत्रों का विवरण

हस्तउत्तराषाढ़ा
स्वामी ग्रहचंद्रमासूर्य
राशिकन्याधनु/मकर
गणदेवमनुष्य
योनिमहिषनकुल
नाड़ीआदिअन्त्य
तत्वपृथ्वीअग्नि
देवतासविताविश्वेदेवा
प्रतीकखुला हाथ / हथेलीगजदंत
राशि विस्तार160°00' – 173°20'266°40' – 280°00'

आठ कूट — अंकों का विवरण

अंक / 36हस्तउत्तराषाढ़ा
0/1वर्ण कूट
शून्य अंक
पृथ्वीअग्नि
2/2वश्य कूट
पूरे अंक
कन्याधनु/मकर
3/3तारा (दिन) कूट
पूरे अंक
9वाँ20वाँ
2/4योनि कूट
आंशिक
महिषनकुल
1/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी)
कम
बुधगुरु
5/6गण कूट
आंशिक
देवमनुष्य
7/7भकूट (राशि) कूट
पूरे अंक
चौथी10वीं
8/8नाड़ी कूट
पूरे अंक
आदिअन्त्य

अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान

अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।

रज्जुकंठ·उदरहै

कंठ — उदर, अलग रज्जु।

वेधशतभिषा·वेध नहींहै

हस्त का वेध शतभिषा है; उत्तराषाढ़ा नहीं।

महेंद्र20वाँ·4·7·10·13·16·19·22·25नहीं

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से हस्त 20वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।

स्त्री-दीर्घ20वाँ·7 से अधिकहै

सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 20 है।

योनि लिंग (काणम्)पुरुष·स्त्रीहै

दोनों नक्षत्रों का लिंग अलग है — यह संयोग श्रेष्ठ माना जाता है।

इस मेल को क्या तय करता है

स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन

देव — मनुष्य गण, 5/6। तटस्थ: न अपने आप तालमेल, न टकराव।

मन और निर्णय

बुध — गुरु शत्रु, 1/5। बड़े निर्णय पहले से तय कर लेना ज़रूरी।

शरीर, स्वास्थ्य और संतान

नाड़ी आदि — अन्त्य, योनि महिष — नकुल। इस स्तर पर अलग उपाय की ज़रूरत नहीं।

दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं

हस्त: स्वामी चंद्रमा, देवता सविता, प्रतीक खुला हाथ / हथेली, देव गण, कन्या राशि। उत्तराषाढ़ा: स्वामी सूर्य, देवता विश्वेदेवा, प्रतीक गजदंत, मनुष्य गण, धनु/मकर राशि।

दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा

हस्त नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में उत्तराषाढ़ा तीसरा स्थान पर है; हस्त के लिए सबसे अधिक पुष्य (28.5/36), सबसे कम शतभिषा (8.5/36), 18 से ऊपर 18 नक्षत्र। उत्तराषाढ़ा के 26 में हस्त चौथा स्थान पर; उत्तराषाढ़ा के लिए सबसे अधिक पूर्वाषाढ़ा (34/36), सबसे कम आश्लेषा (9.5/36), 18 से ऊपर 17।

नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ

हस्त नक्षत्र को कन्या का मानकर 28/36। उत्तराषाढ़ा को कन्या का मानें तो केवल वर्ण बदलकर 29/36। उस एक अंक के लिए अलग पृष्ठ नहीं — दोनों पाठ यहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हस्त — उत्तराषाढ़ा मिलान में कितने अंक हैं?+

36 में से 28 (78%) — उत्तम मेल। यह पारंपरिक सीमा 18 से ऊपर है।

इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+

वर्ण कूट — 0/1। सबसे अधिक नाड़ी कूट — 8/8।

हस्त — उत्तराषाढ़ा के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+

हस्त नक्षत्र से उत्तराषाढ़ा 9वाँ; उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से हस्त 20वाँ। राशि के स्तर पर चौथी — 10वीं।

क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+

नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।

इन्हीं नक्षत्रों के अन्य जोड़े