उत्तराषाढ़ा — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र मिलान
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और उत्तर भाद्रपद नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 30.5 अंक मिलते हैं (85%) — उत्तम मेल। आठ में सबसे मज़बूत नाड़ी कूट है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से उत्तर भाद्रपद छठा नक्षत्र है।
30.5
अंक / 36
प्रतिशत: 85%
विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36
क्या यह 30.5/36 आप पर भी लागू होता है?
यह पृष्ठ केवल उत्तराषाढ़ा — उत्तर भाद्रपद नक्षत्रों से गिना गया है। वर्ण कूट यहाँ 0/1 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।
दोनों नक्षत्रों का विवरण
| उत्तराषाढ़ा | उत्तर भाद्रपद | |
|---|---|---|
| स्वामी ग्रह | सूर्य | शनि |
| राशि | धनु/मकर | मीन |
| गण | मनुष्य | मनुष्य |
| योनि | नकुल | गौ |
| नाड़ी | अन्त्य | मध्य |
| तत्व | अग्नि | जल |
| देवता | विश्वेदेवा | अहिर्बुध्न्य |
| प्रतीक | गजदंत | अर्थी का पिछला हिस्सा / जुड़वां |
| राशि विस्तार | 266°40' – 280°00' | 333°20' – 346°40' |
आठ कूट — अंकों का विवरण
| अंक / 36 | उत्तराषाढ़ा | उत्तर भाद्रपद |
|---|---|---|
0/1वर्ण कूट शून्य अंक | अग्नि | जल |
1/2वश्य कूट आंशिक | धनु/मकर | मीन |
1.5/3तारा (दिन) कूट आंशिक | छठा | 23वाँ |
2/4योनि कूट आंशिक | नकुल | गौ |
5/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी) पूरे अंक | गुरु | गुरु |
6/6गण कूट एक ही गण | मनुष्य | मनुष्य |
7/7भकूट (राशि) कूट पूरे अंक | चौथी | 10वीं |
8/8नाड़ी कूट पूरे अंक | अन्त्य | मध्य |
अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान
अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।
उदर — ऊरु, अलग रज्जु।
उत्तराषाढ़ा का वेध पुनर्वसु है; उत्तर भाद्रपद नहीं।
उत्तर भाद्रपद नक्षत्र से उत्तराषाढ़ा 23वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।
सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 23 है।
दोनों नक्षत्रों का लिंग एक ही है।
इस मेल को क्या तय करता है
स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन
दोनों मनुष्य गण; राशि अंतर 4-10, भकूट दोष नहीं। रोज़मर्रा की समझ सहज।
मन और निर्णय
राशि स्वामी गुरु — गुरु, मैत्री, 5/5। पैसे और काम के निर्णय आसानी से बनते हैं।
शरीर, स्वास्थ्य और संतान
नाड़ी अन्त्य — मध्य, योनि नकुल — गौ। इस स्तर पर अलग उपाय की ज़रूरत नहीं।
दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं
उत्तराषाढ़ा: स्वामी सूर्य, देवता विश्वेदेवा, प्रतीक गजदंत, मनुष्य गण, धनु/मकर राशि। उत्तर भाद्रपद: स्वामी शनि, देवता अहिर्बुध्न्य, प्रतीक अर्थी का पिछला हिस्सा / जुड़वां, मनुष्य गण, मीन राशि।
दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में उत्तर भाद्रपद तीसरा स्थान पर है; उत्तराषाढ़ा के लिए सबसे अधिक पूर्वाषाढ़ा (34/36), सबसे कम आश्लेषा (9.5/36), 18 से ऊपर 17 नक्षत्र। उत्तर भाद्रपद के 26 में उत्तराषाढ़ा दूसरा स्थान पर; उत्तर भाद्रपद के लिए सबसे अधिक रेवती (33/36), सबसे कम चित्रा (12.5/36), 18 से ऊपर 17।
नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र को कन्या का मानकर 30.5/36। उत्तर भाद्रपद को कन्या का मानें तो केवल वर्ण बदलकर 31.5/36। उस एक अंक के लिए अलग पृष्ठ नहीं — दोनों पाठ यहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तराषाढ़ा — उत्तर भाद्रपद मिलान में कितने अंक हैं?+
36 में से 30.5 (85%) — उत्तम मेल। यह पारंपरिक सीमा 18 से ऊपर है।
इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+
वर्ण कूट — 0/1। सबसे अधिक नाड़ी कूट — 8/8।
उत्तराषाढ़ा — उत्तर भाद्रपद के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से उत्तर भाद्रपद छठा; उत्तर भाद्रपद नक्षत्र से उत्तराषाढ़ा 23वाँ। राशि के स्तर पर चौथी — 10वीं।
क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+
नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।