आश्लेषा — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र मिलान

आश्लेषा नक्षत्र और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 10.5 अंक मिलते हैं (29%) — सावधानी आवश्यक। आठ में सबसे मज़बूत वर्ण कूट है। आश्लेषा नक्षत्र से उत्तराषाढ़ा 13वाँ नक्षत्र है।

10.5

अंक / 36

सावधानी आवश्यक

प्रतिशत: 29%

विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36

क्या यह 10.5/36 आप पर भी लागू होता है?

यह पृष्ठ केवल आश्लेषा — उत्तराषाढ़ा नक्षत्रों से गिना गया है। भकूट (राशि) कूट यहाँ 0/7 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।

कार्ड नहीं · शुरू करने के लिए खाता नहीं·पूरी रिपोर्ट ₹699

दोनों नक्षत्रों का विवरण

आश्लेषाउत्तराषाढ़ा
स्वामी ग्रहबुधसूर्य
राशिकर्कधनु/मकर
गणराक्षसमनुष्य
योनिमार्जारनकुल
नाड़ीअन्त्यअन्त्य
तत्वजलअग्नि
देवतासर्प (साँप)विश्वेदेवा
प्रतीकसर्पगजदंत
राशि विस्तार106°40' – 120°00'266°40' – 280°00'

आठ कूट — अंकों का विवरण

अंक / 36आश्लेषाउत्तराषाढ़ा
1/1वर्ण कूट
पूरे अंक
जलअग्नि
1/2वश्य कूट
आंशिक
कर्कधनु/मकर
1.5/3तारा (दिन) कूट
आंशिक
13वाँ16वाँ
2/4योनि कूट
आंशिक
मार्जारनकुल
4/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी)
आंशिक
चंद्रमागुरु
1/6गण कूट
कम
राक्षसमनुष्य
0/7भकूट (राशि) कूट
भकूट दोष
छठी8वीं
0/8नाड़ी कूट
नाड़ी दोष
अन्त्यअन्त्य

अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान

अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।

रज्जुपाद·उदरहै

पाद — उदर, अलग रज्जु।

वेधमूल·वेध नहींहै

आश्लेषा का वेध मूल है; उत्तराषाढ़ा नहीं।

महेंद्र16वाँ·4·7·10·13·16·19·22·25है

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से आश्लेषा 16वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।

स्त्री-दीर्घ16वाँ·7 से अधिकहै

सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 16 है।

योनि लिंग (काणम्)स्त्री·स्त्रीनहीं

दोनों नक्षत्रों का लिंग एक ही है।

इस मेल को क्या तय करता है

स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन

राक्षस — मनुष्य गण, 1/6। अलग स्वभाव; बदलने के बजाय स्वीकारना काम आता है।

मन और निर्णय

राशि स्वामी चंद्रमा — गुरु, मैत्री, 4/5। पैसे और काम के निर्णय आसानी से बनते हैं।

शरीर, स्वास्थ्य और संतान

दोनों अन्त्य नाड़ी: नाड़ी दोष, आठ में सबसे भारी कूट। पूरी कुंडली मिलान और उपाय की सलाह चाहिए।

दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं

आश्लेषा: स्वामी बुध, देवता सर्प (साँप), प्रतीक सर्प, राक्षस गण, कर्क राशि। उत्तराषाढ़ा: स्वामी सूर्य, देवता विश्वेदेवा, प्रतीक गजदंत, मनुष्य गण, धनु/मकर राशि।

दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा

आश्लेषा नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में उत्तराषाढ़ा 25वाँ स्थान पर है; आश्लेषा के लिए सबसे अधिक चित्रा (29.5/36), सबसे कम रेवती (9/36), 18 से ऊपर 17 नक्षत्र। उत्तराषाढ़ा के 26 में आश्लेषा 26वाँ स्थान पर; उत्तराषाढ़ा के लिए सबसे अधिक पूर्वाषाढ़ा (34/36), सबसे कम आश्लेषा (9.5/36), 18 से ऊपर 17।

नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ

आश्लेषा नक्षत्र को कन्या का मानकर 10.5/36। उत्तराषाढ़ा को कन्या का मानें तो केवल वर्ण बदलकर 9.5/36। उस एक अंक के लिए अलग पृष्ठ नहीं — दोनों पाठ यहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आश्लेषा — उत्तराषाढ़ा मिलान में कितने अंक हैं?+

36 में से 10.5 (29%) — सावधानी आवश्यक। यह पारंपरिक सीमा 18 तक नहीं पहुँचता।

इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+

भकूट (राशि) कूट — 0/7। सबसे अधिक वर्ण कूट — 1/1।

आश्लेषा — उत्तराषाढ़ा के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+

आश्लेषा नक्षत्र से उत्तराषाढ़ा 13वाँ; उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से आश्लेषा 16वाँ। राशि के स्तर पर छठी — 8वीं।

क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+

नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।

इन्हीं नक्षत्रों के अन्य जोड़े