कृत्तिका — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र मिलान

कृत्तिका नक्षत्र और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 10 अंक मिलते हैं (28%) — सावधानी आवश्यक। आठ में सबसे मज़बूत ग्रह मैत्री (राशि स्वामी) है। कृत्तिका नक्षत्र से उत्तराषाढ़ा 19वाँ नक्षत्र है।

10

अंक / 36

सावधानी आवश्यक

प्रतिशत: 28%

विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36

क्या यह 10/36 आप पर भी लागू होता है?

यह पृष्ठ केवल कृत्तिका — उत्तराषाढ़ा नक्षत्रों से गिना गया है। तारा (दिन) कूट यहाँ 0/3 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।

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दोनों नक्षत्रों का विवरण

कृत्तिकाउत्तराषाढ़ा
स्वामी ग्रहसूर्यसूर्य
राशिमेष/वृषभधनु/मकर
गणराक्षसमनुष्य
योनिमेषनकुल
नाड़ीअन्त्यअन्त्य
तत्वअग्निअग्नि
देवताअग्निविश्वेदेवा
प्रतीकउस्तरा/लौगजदंत
राशि विस्तार26°40' – 40°00'266°40' – 280°00'

आठ कूट — अंकों का विवरण

अंक / 36कृत्तिकाउत्तराषाढ़ा
1/1वर्ण कूट
पूरे अंक
अग्निअग्नि
1/2वश्य कूट
आंशिक
मेष/वृषभधनु/मकर
0/3तारा (दिन) कूट
शून्य अंक
19वाँ10वाँ
2/4योनि कूट
आंशिक
मेषनकुल
5/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी)
पूरे अंक
मंगलगुरु
1/6गण कूट
कम
राक्षसमनुष्य
0/7भकूट (राशि) कूट
भकूट दोष
9वींपाँचवीं
0/8नाड़ी कूट
नाड़ी दोष
अन्त्यअन्त्य

अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान

अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।

रज्जुउदर·उदरनहीं

दोनों उदर रज्जु में — एक ही रज्जु, इसे सबसे गंभीरता से देखा जाता है।

वेधविशाखा·वेध नहींहै

कृत्तिका का वेध विशाखा है; उत्तराषाढ़ा नहीं।

महेंद्र10वाँ·4·7·10·13·16·19·22·25है

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से कृत्तिका 10वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।

स्त्री-दीर्घ10वाँ·7 से अधिकहै

सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 10 है।

योनि लिंग (काणम्)स्त्री·स्त्रीनहीं

दोनों नक्षत्रों का लिंग एक ही है।

इस मेल को क्या तय करता है

स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन

राक्षस — मनुष्य गण, 1/6। अलग स्वभाव; बदलने के बजाय स्वीकारना काम आता है।

मन और निर्णय

राशि स्वामी मंगल — गुरु, मैत्री, 5/5। पैसे और काम के निर्णय आसानी से बनते हैं।

शरीर, स्वास्थ्य और संतान

दोनों अन्त्य नाड़ी: नाड़ी दोष, आठ में सबसे भारी कूट। पूरी कुंडली मिलान और उपाय की सलाह चाहिए।

दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं

कृत्तिका: स्वामी सूर्य, देवता अग्नि, प्रतीक उस्तरा/लौ, राक्षस गण, मेष/वृषभ राशि। उत्तराषाढ़ा: स्वामी सूर्य, देवता विश्वेदेवा, प्रतीक गजदंत, मनुष्य गण, धनु/मकर राशि।

दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा

कृत्तिका नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में उत्तराषाढ़ा 25वाँ स्थान पर है; कृत्तिका के लिए सबसे अधिक भरणी (29/36), सबसे कम रेवती (8.5/36), 18 से ऊपर 15 नक्षत्र। उत्तराषाढ़ा के 26 में कृत्तिका 25वाँ स्थान पर; उत्तराषाढ़ा के लिए सबसे अधिक पूर्वाषाढ़ा (34/36), सबसे कम आश्लेषा (9.5/36), 18 से ऊपर 17।

नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ

कृत्तिका नक्षत्र को कन्या का मानकर गिना गया है। क्रम बदलने पर भी 10/36 वही — आठ में सात कूट क्रम नहीं देखते, वर्ण भी यहाँ नहीं बदलता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृत्तिका — उत्तराषाढ़ा मिलान में कितने अंक हैं?+

36 में से 10 (28%) — सावधानी आवश्यक। यह पारंपरिक सीमा 18 तक नहीं पहुँचता।

इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+

तारा (दिन) कूट — 0/3। सबसे अधिक ग्रह मैत्री (राशि स्वामी) — 5/5।

कृत्तिका — उत्तराषाढ़ा के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+

कृत्तिका नक्षत्र से उत्तराषाढ़ा 19वाँ; उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से कृत्तिका 10वाँ। राशि के स्तर पर 9वीं — पाँचवीं।

क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+

नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।

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