कृत्तिका — शतभिषा नक्षत्र मिलान

कृत्तिका नक्षत्र और शतभिषा नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 27.5 अंक मिलते हैं (76%) — बहुत अच्छा मेल। आठ में सबसे मज़बूत नाड़ी कूट है। कृत्तिका नक्षत्र से शतभिषा 22वाँ नक्षत्र है।

27.5

अंक / 36

बहुत अच्छा मेल

प्रतिशत: 76%

विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36

क्या यह 27.5/36 आप पर भी लागू होता है?

यह पृष्ठ केवल कृत्तिका — शतभिषा नक्षत्रों से गिना गया है। ग्रह मैत्री (राशि स्वामी) यहाँ 1/5 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।

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दोनों नक्षत्रों का विवरण

कृत्तिकाशतभिषा
स्वामी ग्रहसूर्यराहु
राशिमेष/वृषभकुंभ
गणराक्षसराक्षस
योनिमेषअश्व
नाड़ीअन्त्यआदि
तत्वअग्निवायु
देवताअग्निवरुण
प्रतीकउस्तरा/लौखाली वृत्त / 1000 फूल
राशि विस्तार26°40' – 40°00'306°40' – 320°00'

आठ कूट — अंकों का विवरण

अंक / 36कृत्तिकाशतभिषा
1/1वर्ण कूट
पूरे अंक
अग्निवायु
1/2वश्य कूट
आंशिक
मेष/वृषभकुंभ
1.5/3तारा (दिन) कूट
आंशिक
22वाँ7वाँ
2/4योनि कूट
आंशिक
मेषअश्व
1/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी)
कम
मंगलशनि
6/6गण कूट
एक ही गण
राक्षसराक्षस
7/7भकूट (राशि) कूट
पूरे अंक
11वींतीसरी
8/8नाड़ी कूट
पूरे अंक
अन्त्यआदि

अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान

अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।

रज्जुउदर·कंठहै

उदर — कंठ, अलग रज्जु।

वेधविशाखा·वेध नहींहै

कृत्तिका का वेध विशाखा है; शतभिषा नहीं।

महेंद्र7वाँ·4·7·10·13·16·19·22·25है

शतभिषा नक्षत्र से कृत्तिका 7वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।

स्त्री-दीर्घ7वाँ·7 से अधिकहै

सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 7 है।

योनि लिंग (काणम्)स्त्री·पुरुषहै

दोनों नक्षत्रों का लिंग अलग है — यह संयोग श्रेष्ठ माना जाता है।

इस मेल को क्या तय करता है

स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन

दोनों राक्षस गण; राशि अंतर 11-3, भकूट दोष नहीं। रोज़मर्रा की समझ सहज।

मन और निर्णय

मंगल — शनि शत्रु, 1/5। बड़े निर्णय पहले से तय कर लेना ज़रूरी।

शरीर, स्वास्थ्य और संतान

नाड़ी अन्त्य — आदि, योनि मेष — अश्व। इस स्तर पर अलग उपाय की ज़रूरत नहीं।

दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं

कृत्तिका: स्वामी सूर्य, देवता अग्नि, प्रतीक उस्तरा/लौ, राक्षस गण, मेष/वृषभ राशि। शतभिषा: स्वामी राहु, देवता वरुण, प्रतीक खाली वृत्त / 1000 फूल, राक्षस गण, कुंभ राशि।

दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा

कृत्तिका नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में शतभिषा तीसरा स्थान पर है; कृत्तिका के लिए सबसे अधिक भरणी (29/36), सबसे कम रेवती (8.5/36), 18 से ऊपर 15 नक्षत्र। शतभिषा के 26 में कृत्तिका दूसरा स्थान पर; शतभिषा के लिए सबसे अधिक विशाखा (27/36), सबसे कम हस्त (7.5/36), 18 से ऊपर 15।

नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ

कृत्तिका नक्षत्र को कन्या का मानकर 27.5/36। शतभिषा को कन्या का मानें तो केवल वर्ण बदलकर 26.5/36। उस एक अंक के लिए अलग पृष्ठ नहीं — दोनों पाठ यहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृत्तिका — शतभिषा मिलान में कितने अंक हैं?+

36 में से 27.5 (76%) — बहुत अच्छा मेल। यह पारंपरिक सीमा 18 से ऊपर है।

इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+

ग्रह मैत्री (राशि स्वामी) — 1/5। सबसे अधिक नाड़ी कूट — 8/8।

कृत्तिका — शतभिषा के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+

कृत्तिका नक्षत्र से शतभिषा 22वाँ; शतभिषा नक्षत्र से कृत्तिका 7वाँ। राशि के स्तर पर 11वीं — तीसरी।

क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+

नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।

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