पूर्व फाल्गुनी — शतभिषा नक्षत्र मिलान

पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र और शतभिषा नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 20.5 अंक मिलते हैं (57%) — स्वीकार्य मेल। आठ में सबसे मज़बूत नाड़ी कूट है। पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र से शतभिषा 14वाँ नक्षत्र है।

20.5

अंक / 36

स्वीकार्य मेल

प्रतिशत: 57%

विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36

क्या यह 20.5/36 आप पर भी लागू होता है?

यह पृष्ठ केवल पूर्व फाल्गुनी — शतभिषा नक्षत्रों से गिना गया है। वश्य कूट यहाँ 0/2 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।

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दोनों नक्षत्रों का विवरण

पूर्व फाल्गुनीशतभिषा
स्वामी ग्रहशुक्रराहु
राशिसिंहकुंभ
गणमनुष्यराक्षस
योनिमूषकअश्व
नाड़ीमध्यआदि
तत्वअग्निवायु
देवताभगवरुण
प्रतीकपलंग की आगे की टाँगेंखाली वृत्त / 1000 फूल
राशि विस्तार133°20' – 146°40'306°40' – 320°00'

आठ कूट — अंकों का विवरण

अंक / 36पूर्व फाल्गुनीशतभिषा
1/1वर्ण कूट
पूरे अंक
अग्निवायु
0/2वश्य कूट
शून्य अंक
सिंहकुंभ
1.5/3तारा (दिन) कूट
आंशिक
14वाँ15वाँ
2/4योनि कूट
आंशिक
मूषकअश्व
0/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी)
शून्य अंक
सूर्यशनि
1/6गण कूट
कम
मनुष्यराक्षस
7/7भकूट (राशि) कूट
पूरे अंक
7वीं7वीं
8/8नाड़ी कूट
पूरे अंक
मध्यआदि

अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान

अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।

रज्जुऊरु·कंठहै

ऊरु — कंठ, अलग रज्जु।

वेधउत्तर भाद्रपद·वेध नहींहै

पूर्व फाल्गुनी का वेध उत्तर भाद्रपद है; शतभिषा नहीं।

महेंद्र15वाँ·4·7·10·13·16·19·22·25नहीं

शतभिषा नक्षत्र से पूर्व फाल्गुनी 15वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।

स्त्री-दीर्घ15वाँ·7 से अधिकहै

सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 15 है।

योनि लिंग (काणम्)स्त्री·पुरुषहै

दोनों नक्षत्रों का लिंग अलग है — यह संयोग श्रेष्ठ माना जाता है।

इस मेल को क्या तय करता है

स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन

मनुष्य — राक्षस गण, 1/6। अलग स्वभाव; बदलने के बजाय स्वीकारना काम आता है।

मन और निर्णय

सूर्य — शनि शत्रु, 0/5। बड़े निर्णय पहले से तय कर लेना ज़रूरी।

शरीर, स्वास्थ्य और संतान

नाड़ी मध्य — आदि, योनि मूषक — अश्व। इस स्तर पर अलग उपाय की ज़रूरत नहीं।

दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं

पूर्व फाल्गुनी: स्वामी शुक्र, देवता भग, प्रतीक पलंग की आगे की टाँगें, मनुष्य गण, सिंह राशि। शतभिषा: स्वामी राहु, देवता वरुण, प्रतीक खाली वृत्त / 1000 फूल, राक्षस गण, कुंभ राशि।

दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा

पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में शतभिषा 14वाँ स्थान पर है; पूर्व फाल्गुनी के लिए सबसे अधिक उत्तर फाल्गुनी (34/36), सबसे कम धनिष्ठा (5.5/36), 18 से ऊपर 17 नक्षत्र। शतभिषा के 26 में पूर्व फाल्गुनी 15वाँ स्थान पर; शतभिषा के लिए सबसे अधिक विशाखा (27/36), सबसे कम हस्त (7.5/36), 18 से ऊपर 15।

नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ

पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र को कन्या का मानकर 20.5/36। शतभिषा को कन्या का मानें तो केवल वर्ण बदलकर 19.5/36। उस एक अंक के लिए अलग पृष्ठ नहीं — दोनों पाठ यहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्व फाल्गुनी — शतभिषा मिलान में कितने अंक हैं?+

36 में से 20.5 (57%) — स्वीकार्य मेल। यह पारंपरिक सीमा 18 से ऊपर है।

इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+

वश्य कूट — 0/2। सबसे अधिक नाड़ी कूट — 8/8।

पूर्व फाल्गुनी — शतभिषा के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+

पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र से शतभिषा 14वाँ; शतभिषा नक्षत्र से पूर्व फाल्गुनी 15वाँ। राशि के स्तर पर 7वीं — 7वीं।

क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+

नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।

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