रोहिणी — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र मिलान

रोहिणी नक्षत्र और उत्तर भाद्रपद नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 25.5 अंक मिलते हैं (71%) — बहुत अच्छा मेल। आठ में सबसे मज़बूत नाड़ी कूट है। रोहिणी नक्षत्र से उत्तर भाद्रपद 23वाँ नक्षत्र है।

25.5

अंक / 36

बहुत अच्छा मेल

प्रतिशत: 71%

विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36

क्या यह 25.5/36 आप पर भी लागू होता है?

यह पृष्ठ केवल रोहिणी — उत्तर भाद्रपद नक्षत्रों से गिना गया है। वर्ण कूट यहाँ 0/1 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।

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दोनों नक्षत्रों का विवरण

रोहिणीउत्तर भाद्रपद
स्वामी ग्रहचंद्रमाशनि
राशिवृषभमीन
गणमनुष्यमनुष्य
योनिसर्पगौ
नाड़ीअन्त्यमध्य
तत्वपृथ्वीजल
देवताब्रह्माअहिर्बुध्न्य
प्रतीकरथअर्थी का पिछला हिस्सा / जुड़वां
राशि विस्तार40°00' – 53°20'333°20' – 346°40'

आठ कूट — अंकों का विवरण

अंक / 36रोहिणीउत्तर भाद्रपद
0/1वर्ण कूट
शून्य अंक
पृथ्वीजल
0/2वश्य कूट
शून्य अंक
वृषभमीन
1.5/3तारा (दिन) कूट
आंशिक
23वाँछठा
2/4योनि कूट
आंशिक
सर्पगौ
1/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी)
कम
शुक्रगुरु
6/6गण कूट
एक ही गण
मनुष्यमनुष्य
7/7भकूट (राशि) कूट
पूरे अंक
11वींतीसरी
8/8नाड़ी कूट
पूरे अंक
अन्त्यमध्य

अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान

अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।

रज्जुकंठ·ऊरुहै

कंठ — ऊरु, अलग रज्जु।

वेधस्वाती·वेध नहींहै

रोहिणी का वेध स्वाती है; उत्तर भाद्रपद नहीं।

महेंद्रछठा·4·7·10·13·16·19·22·25नहीं

उत्तर भाद्रपद नक्षत्र से रोहिणी छठा है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।

स्त्री-दीर्घछठा·7 से अधिकनहीं

सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 6 है।

योनि लिंग (काणम्)स्त्री·स्त्रीनहीं

दोनों नक्षत्रों का लिंग एक ही है।

इस मेल को क्या तय करता है

स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन

दोनों मनुष्य गण; राशि अंतर 11-3, भकूट दोष नहीं। रोज़मर्रा की समझ सहज।

मन और निर्णय

शुक्र — गुरु शत्रु, 1/5। बड़े निर्णय पहले से तय कर लेना ज़रूरी।

शरीर, स्वास्थ्य और संतान

नाड़ी अन्त्य — मध्य, योनि सर्प — गौ। इस स्तर पर अलग उपाय की ज़रूरत नहीं।

दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं

रोहिणी: स्वामी चंद्रमा, देवता ब्रह्मा, प्रतीक रथ, मनुष्य गण, वृषभ राशि। उत्तर भाद्रपद: स्वामी शनि, देवता अहिर्बुध्न्य, प्रतीक अर्थी का पिछला हिस्सा / जुड़वां, मनुष्य गण, मीन राशि।

दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा

रोहिणी नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में उत्तर भाद्रपद छठा स्थान पर है; रोहिणी के लिए सबसे अधिक मृगशिरा (35/36), सबसे कम उत्तराषाढ़ा (11/36), 18 से ऊपर 17 नक्षत्र। उत्तर भाद्रपद के 26 में रोहिणी 8वाँ स्थान पर; उत्तर भाद्रपद के लिए सबसे अधिक रेवती (33/36), सबसे कम चित्रा (12.5/36), 18 से ऊपर 17।

नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ

रोहिणी नक्षत्र को कन्या का मानकर 25.5/36। उत्तर भाद्रपद को कन्या का मानें तो केवल वर्ण बदलकर 26.5/36। उस एक अंक के लिए अलग पृष्ठ नहीं — दोनों पाठ यहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहिणी — उत्तर भाद्रपद मिलान में कितने अंक हैं?+

36 में से 25.5 (71%) — बहुत अच्छा मेल। यह पारंपरिक सीमा 18 से ऊपर है।

इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+

वर्ण कूट — 0/1। सबसे अधिक नाड़ी कूट — 8/8।

रोहिणी — उत्तर भाद्रपद के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+

रोहिणी नक्षत्र से उत्तर भाद्रपद 23वाँ; उत्तर भाद्रपद नक्षत्र से रोहिणी छठा। राशि के स्तर पर 11वीं — तीसरी।

क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+

नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।

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