♓︎मीन राशिफल 2027
2027 · Pisces · राशिफल
गणना से, छपे हुए स्तंभ से नहीं
नीचे की हर संख्या इस बात से निकली है कि ग्रह इस समय वास्तव में कहाँ हैं — निरयन (लाहिरी) — और वह मीन से कौन-सा भाव बनता है। फल शास्त्रीय गोचर फल तालिका से आते हैं।
2027 का गोचर अंक
51/100
मिश्रित
केवल गुरु, शनि, राहु और केतु से निकाला गया, हर माह मापकर। सूर्य और चंद्र वर्ष भर में हर भाव में जाते हैं, इसलिए वे वर्ष के बारे में कुछ नहीं कहते।
2027 में गुरु, शनि, राहु और केतु
वर्ष इन्हीं चार से बनता है। गुरु लगभग वर्ष में एक बार राशि बदलते हैं और शनि लगभग ढाई वर्ष में, इसलिए आपकी राशि से वे किस भाव में हैं — वार्षिक फल में ईमानदारी से यही सबसे अधिक कहा जा सकता है।
| ग्रह | अवधि | राशि में | आपसे भाव | प्रभावित क्षेत्र |
|---|---|---|---|---|
| गुरु | 1 जनवरी – 25 जनवरी | सिंह | 6 | ऋण, शत्रु, स्वास्थ्य, सेवा |
| 25 जनवरी – 26 जून | कर्क | 5 | संतान, विद्या, प्रेम | |
| 26 जून – 26 नवंबर | सिंह | 6 | ऋण, शत्रु, स्वास्थ्य, सेवा | |
| 26 नवंबर – 31 दिसंबर | कन्या | 7 | विवाह, साझेदारी, अनुबंध | |
| शनि | 1 जनवरी – 3 जून | मीन | 1 | शरीर, स्वयं, आपकी उपस्थिति |
| 3 जून – 20 अक्तूबर | मेष | 2 | धन, परिवार, वाणी | |
| 20 अक्तूबर – 31 दिसंबर | मीन | 1 | शरीर, स्वयं, आपकी उपस्थिति | |
| राहु | 1 जनवरी – 31 दिसंबर | मकर | 11 | लाभ, नेटवर्क, बड़े भाई-बहन |
| केतु | 1 जनवरी – 31 दिसंबर | कर्क | 5 | संतान, विद्या, प्रेम |
शनि आप पर क्या कर रहे हैं
इस वर्ष शनि आपकी चंद्र राशि से पहले, दूसरे भाव में गोचर करते हैं — उन तीन भावों में से एक जिनसे साढ़े साती बनती है।
अपनी राशि की पूरी साढ़े साती अवधि पढ़ें →2027 में शनि, चरण दर चरण
यह शनि की वास्तविक राशि का अनुसरण करता है, इसलिए चरणों के नाम साढ़े साती पृष्ठ की सतत पट्टी से भिन्न हो सकते हैं।
साढ़े साती — मध्य चरणवर्ष आरंभ – 3 जून
चंद्र राशि पर शनि। शरीर, मन और पहचान पर सबसे भारी समय; धीमी, ईमानदार दिनचर्या ही मार्ग है।
साढ़े साती — अंतिम चरण3 जून – 20 अक्तूबर
अंतिम चरण, धन, परिवार और वाणी पर। यदि आपने अनुशासन रखा है तो वित्त और संबंध धीरे-धीरे स्थिर होते हैं।
साढ़े साती — मध्य चरण20 अक्तूबर – वर्ष अंत
2027 में मीन: करियर, धन, संबंध और स्वास्थ्य
हर क्षेत्र उन भावों से पढ़ा गया है जो उसे धारण करते हैं — उनमें बैठा या उन पर दृष्टि डालने वाला ग्रह गिना गया है, वास्तविक राशि-प्रवेश की तिथियों पर। निर्णय कैसे पढ़े जाते हैं
करियर और कार्य
दबाव मेंदशम (कर्म, प्रतिष्ठा) और षष्ठ (सेवा) से पढ़ा गया
1 अनुकूल · 2 दबावकारी
सबसे प्रबल महीने: जून|सबसे कठिन महीने: जनवरी, नवंबर
गुरु आपके छठे भाव में1 जनवरी – 25 जनवरी, 26 जून – 26 नवंबर
छठे भाव में गुरु उसे बढ़ा देते हैं जिससे आप जूझ रहे हैं: ऋण, विवाद और स्वास्थ्य की चिंताएँ अनदेखी करने पर फैलती हैं। उन्हें जल्दी सँभालें, आहार संयमित रखें और किसी के ऋण की गारंटी न लें।
शनि की दृष्टि
- आपके दसवें भाव पर, पहले भाव से · 1 जनवरी – 3 जून, 20 अक्तूबर – 31 दिसंबर
शनि की दृष्टि कार्य-भार और जाँच बढ़ाती है — पहचान धीमी, पर परिणाम ठोस और टिकाऊ।
गुरु की दृष्टि
- आपके दसवें भाव पर, छठे भाव से · 1 जनवरी – 25 जनवरी, 26 जून – 26 नवंबर
गुरु की दृष्टि आपके कार्य को सहारा देती है — नैतिक उन्नति, सहायक वरिष्ठ और व्यापक दायरा।
जो है उसे सँभालें: अचानक नौकरी बदलने से बचें, अपना काम दर्ज रखें और ऐसे कौशल में निवेश करें जो दबाव के बाद फल दें।
धन और लाभ
अनुकूलद्वितीय (बचत) और एकादश (लाभ) से पढ़ा गया
2 अनुकूल · 2 दबावकारी
सबसे प्रबल महीने: जनवरी, फ़रवरी, मार्च, अप्रैल, मई, नवंबर, दिसंबर|सबसे कठिन महीने: जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्तूबर
राहु आपके ग्यारहवें भाव मेंपूरे वर्ष
ग्यारहवें भाव में राहु लाभ की स्थिति है: नेटवर्क, ऑनलाइन आय और पुरानी इच्छाएँ आगे बढ़ती हैं। साथी सोचकर चुनें; भीड़ सहायता और शोर दोनों को बढ़ाती है।
गुरु की दृष्टि
- आपके दूसरे भाव पर, छठे भाव से · 1 जनवरी – 25 जनवरी, 26 जून – 26 नवंबर
- आपके ग्यारहवें भाव पर, पाँचवें भाव से · 25 जनवरी – 26 जून
- आपके ग्यारहवें भाव पर, सातवें भाव से · 26 नवंबर – 31 दिसंबर
गुरु की दृष्टि धन को स्थिरता देती है: बचत टिकती है और आवश्यकता पर सहयोग मिलता है।
शनि आपके दूसरे भाव में3 जून – 20 अक्तूबर
दूसरे भाव में शनि धन और वाणी दोनों पर अंकुश लगाते हैं। बचत केवल अनुशासन से बढ़ती है, परिवार में संवाद धैर्य माँगता है और कठोर शब्द धन से महँगे पड़ते हैं। आवेश में लिया ऋण टालें।
शनि की दृष्टि
- आपके ग्यारहवें भाव पर, दूसरे भाव से · 3 जून – 20 अक्तूबर
शनि की दृष्टि धन पर कसाव लाती है: सोच-समझकर खर्च करें, बड़ी खरीद टालें और कोष बनाएँ।
बचत और आय स्थिर प्रयास का फल देती हैं। दीर्घकालीन निवेश और पुराने दायित्व चुकाने का अच्छा वर्ष।
संबंध और परिवार
दबाव मेंसप्तम (साझेदारी) और पंचम (प्रेम, संतान) से पढ़ा गया
2 अनुकूल · 2 दबावकारी
सबसे प्रबल महीने: जून|सबसे कठिन महीने: जनवरी, नवंबर
केतु आपके पाँचवें भाव मेंपूरे वर्ष
पाँचवें भाव में केतु प्रेम और सट्टे को मंद करते हैं: संतान या पढ़ाई के विषयों को धैर्यपूर्ण ध्यान चाहिए। मंत्र, ध्यान और शोध उपयुक्त हैं।
शनि की दृष्टि
- आपके सातवें भाव पर, पहले भाव से · 1 जनवरी – 3 जून, 20 अक्तूबर – 31 दिसंबर
शनि की दृष्टि संबंधों में गंभीरता लाती है: कम शब्द, भारी प्रतिबद्धताएँ, धीमी ऊष्मा।
गुरु आपके पाँचवें भाव में25 जनवरी – 26 जून
पाँचवें भाव में गुरु संतान, विद्या और सृजन के लिए शास्त्रीय आशीर्वाद हैं। प्रेम, परीक्षा और परियोजनाएँ प्रायः फलती हैं; संतान-प्राप्ति, शिक्षण और अध्ययन के लिए अनुकूल समय।
गुरु आपके सातवें भाव में26 नवंबर – 31 दिसंबर
सातवें भाव में गुरु साझेदारी को ऊपर उठाते हैं: विवाह की बातचीत आगे बढ़ती है, व्यावसायिक गठजोड़ मजबूत होते हैं और जीवनसाथी या मार्गदर्शक सहारा बनते हैं।
संबंधों को अधिक समय और कम शब्द दें: अल्टीमेटम से बचें, जो महत्वपूर्ण है उसे स्पष्ट करें और देरी में धैर्य रखें।
स्वास्थ्य और ऊर्जा
दबाव मेंप्रथम (शरीर), अष्टम (दीर्घ रोग) और द्वादश (नींद) से पढ़ा गया
1 अनुकूल · 2 दबावकारी
सबसे प्रबल महीने: जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्तूबर|सबसे कठिन महीने: जनवरी, फ़रवरी, मार्च, अप्रैल, मई, नवंबर, दिसंबर
शनि आपके पहले भाव में1 जनवरी – 3 जून, 20 अक्तूबर – 31 दिसंबर
अपनी चंद्र राशि पर शनि आत्म-परीक्षण का वर्ष लाते हैं। शरीर जल्दी थकता है, मन गंभीर रहता है और जिम्मेदारियाँ बढ़ती हैं जबकि सराहना कम मिलती है। नियमित दिनचर्या, ईमानदार परिश्रम और विश्राम ही फल देते हैं।
गुरु की दृष्टि
- आपके बारहवें भाव पर, छठे भाव से · 1 जनवरी – 25 जनवरी, 26 जून – 26 नवंबर
- आपके पहले भाव पर, पाँचवें भाव से · 25 जनवरी – 26 जून
- आपके पहले भाव पर, सातवें भाव से · 26 नवंबर – 31 दिसंबर
गुरु की दृष्टि ऊर्जा और स्वास्थ्य-लाभ की रक्षा करती है; आदतें बनाने का अच्छा समय।
शनि की दृष्टि
- आपके आठवें भाव पर, दूसरे भाव से · 3 जून – 20 अक्तूबर
शनि की दृष्टि सहनशक्ति घटाती है: नींद बचाएँ, गति सँभालें और नियमित जाँच रखें।
विश्राम, दिनचर्या और नियमित जाँच को प्राथमिकता दें; अति-प्रतिबद्धता से बचें और छोटे लक्षण अनदेखे न करें।
मीन: 2027 का कैलेंडर तिथि क्रम में
इस राशि के लिए हर धीमे ग्रह का राशि-प्रवेश और ग्रहण, वह भाव जहाँ वह पड़ता है और वह वर्ष को सरल करता है या कसता है।
- 25 जनवरीगुरु आपके छठे से पाँचवें भाव में जाते हैं (संतान, विद्या, प्रेम)· सरल
- 6 फ़रवरीसूर्य ग्रहण: वलयाकार ("रिंग ऑफ फायर") — आपके ग्यारहवें भाव में पड़ता है· सूतक नहीं
- 21 फ़रवरीचंद्र ग्रहण: उपच्छाया — आपके छठे भाव में पड़ता है· सूतक नहीं
- 3 जूनशनि आपके पहले से दूसरे भाव में जाते हैं (धन, परिवार, वाणी)· बदलाव
- 26 जूनगुरु आपके पाँचवें से छठे भाव में जाते हैं (ऋण, शत्रु, स्वास्थ्य, सेवा)· कसाव
- 18 जुलाईचंद्र ग्रहण: उपच्छाया — आपके ग्यारहवें भाव में पड़ता है· सूतक नहीं
- 2 अगस्तसूर्य ग्रहण: पूर्ण — आपके पाँचवें भाव में पड़ता है· सूतक मान्य
- 17 अगस्तचंद्र ग्रहण: उपच्छाया — आपके ग्यारहवें भाव में पड़ता है· सूतक नहीं
- 20 अक्तूबरशनि आपके दूसरे से पहले भाव में जाते हैं (शरीर, स्वयं, आपकी उपस्थिति)· बदलाव
- 26 नवंबरगुरु आपके छठे से सातवें भाव में जाते हैं (विवाह, साझेदारी, अनुबंध)· सरल
तिमाही दर तिमाही
पहली तिमाही
55
मिश्रित
- गुरु · 5
- शनि · 1
- राहु · 11
- केतु · 5
दूसरी तिमाही
63
मिश्रित
- गुरु · 5
- शनि · 1
- राहु · 11
- केतु · 5
तीसरी तिमाही
39
चुनौतीपूर्ण
- गुरु · 6
- शनि · 2
- राहु · 11
- केतु · 5
चौथी तिमाही
47
चुनौतीपूर्ण
- गुरु · 6
- शनि · 1
- राहु · 11
- केतु · 5
2027 में माह दर माह
हर माह की एक पंक्ति, जिसमें चारों धीमे ग्रह आपकी राशि से किस भाव में हैं यह दिखता है। नीचे की तिथियाँ हर राशि के लिए एक ही हैं; भाव नहीं।
| माह | आपसे भाव | प्रभावित क्षेत्र | अंक |
|---|---|---|---|
| जनवरी | गुरु 6 · शनि 1 · राहु 11 · केतु 5 | ऋण, शत्रु, स्वास्थ्य, सेवा | 39 |
| फ़रवरी | गुरु 5 · शनि 1 · राहु 11 · केतु 5 | संतान, विद्या, प्रेम | 63 |
| मार्च | गुरु 5 · शनि 1 · राहु 11 · केतु 5 | संतान, विद्या, प्रेम | 63 |
| अप्रैल | गुरु 5 · शनि 1 · राहु 11 · केतु 5 | संतान, विद्या, प्रेम | 63 |
| मई | गुरु 5 · शनि 1 · राहु 11 · केतु 5 | संतान, विद्या, प्रेम | 63 |
| जून | गुरु 5 · शनि 2 · राहु 11 · केतु 5 | संतान, विद्या, प्रेम | 63 |
| जुलाई | गुरु 6 · शनि 2 · राहु 11 · केतु 5 | ऋण, शत्रु, स्वास्थ्य, सेवा | 39 |
| अगस्त | गुरु 6 · शनि 2 · राहु 11 · केतु 5 | ऋण, शत्रु, स्वास्थ्य, सेवा | 39 |
| सितंबर | गुरु 6 · शनि 2 · राहु 11 · केतु 5 | ऋण, शत्रु, स्वास्थ्य, सेवा | 39 |
| अक्तूबर | गुरु 6 · शनि 2 · राहु 11 · केतु 5 | ऋण, शत्रु, स्वास्थ्य, सेवा | 39 |
| नवंबर | गुरु 6 · शनि 1 · राहु 11 · केतु 5 | ऋण, शत्रु, स्वास्थ्य, सेवा | 39 |
| दिसंबर | गुरु 7 · शनि 1 · राहु 11 · केतु 5 | विवाह, साझेदारी, अनुबंध | 63 |
2027 की बारहों संक्रांतियाँ
तिथियाँ सबके लिए एक ही हैं। भाव नहीं।
14 जनवरी 2027
मकर · आपसे भाव 11
लाभ, नेटवर्क, बड़े भाई-बहन
13 फ़रवरी 2027
कुंभ · आपसे भाव 12
व्यय, विदेश, एकांत
15 मार्च 2027
मीन · आपसे भाव 1
शरीर, स्वयं, आपकी उपस्थिति
14 अप्रैल 2027
मेष · आपसे भाव 2
धन, परिवार, वाणी
15 मई 2027
वृषभ · आपसे भाव 3
साहस, भाई-बहन, छोटी यात्रा
15 जून 2027
मिथुन · आपसे भाव 4
घर, माता, मानसिक शांति
17 जुलाई 2027
कर्क · आपसे भाव 5
संतान, विद्या, प्रेम
17 अगस्त 2027
सिंह · आपसे भाव 6
ऋण, शत्रु, स्वास्थ्य, सेवा
17 सितंबर 2027
कन्या · आपसे भाव 7
विवाह, साझेदारी, अनुबंध
18 अक्तूबर 2027
तुला · आपसे भाव 8
आकस्मिक परिवर्तन, उत्तराधिकार, शोध
17 नवंबर 2027
वृश्चिक · आपसे भाव 9
भाग्य, पिता, धर्म, लंबी यात्रा
16 दिसंबर 2027
धनु · आपसे भाव 10
करियर, प्रतिष्ठा, कर्मक्षेत्र
2027 के ग्रहण: आपके लिए कहाँ पड़ते हैं
आपकी चंद्र राशि से गिने हुए। सूतक केवल वहाँ लगता है जहाँ ग्रहण दृश्य हो और केवल उपच्छाया न हो।
6 फरवरी 2027 · वलयाकार ("रिंग ऑफ फायर")
सूर्य ग्रहण — 6 फ़रवरी 2027
आपके ग्यारहवें भाव में पड़ता है · मकर, धनिष्ठा
लाभ भाव पर पड़ता है: नेटवर्क और आय के लक्ष्य पुनः व्यवस्थित होते हैं। सामान्यतः सरल।
भारत में दृश्य नहीं · सूतक नहीं
21 फरवरी 2027 · उपच्छाया
चंद्र ग्रहण — 21 फ़रवरी 2027
आपके छठे भाव में पड़ता है · सिंह, मघा
शत्रु और स्वास्थ्य के भाव पर पड़ता है, जहाँ ग्रहण कम हानिकारक माने जाते हैं: पुराने विवाद या रोग शांत हो सकते हैं।
भारत के अधिकांश भाग से दृश्य · सूतक नहीं
18 जुलाई 2027 · उपच्छाया
चंद्र ग्रहण — 18 जुलाई 2027
आपके ग्यारहवें भाव में पड़ता है · मकर, उत्तराषाढ़ा
भारत के अधिकांश भाग से दृश्य · सूतक नहीं
2 अगस्त 2027 · पूर्ण
सूर्य ग्रहण — 2 अगस्त 2027
आपके पाँचवें भाव में पड़ता है · कर्क, पुष्य
संतान, विद्या और प्रेम को छूता है। भावनाएँ तीव्र रहती हैं; तिथि के आसपास सट्टा टालें।
भारत के अधिकांश भाग से दृश्य · सूतक मान्य
17 अगस्त 2027 · उपच्छाया
चंद्र ग्रहण — 17 अगस्त 2027
आपके ग्यारहवें भाव में पड़ता है · मकर, धनिष्ठा
भारत में दृश्य नहीं · सूतक नहीं
उपच्छाया ग्रहण हल्की धुंधलाहट है जिसे अधिकांश परंपराएँ ग्रहण नहीं गिनतीं — ऊपर की टिप्पणी को चेतावनी नहीं, हल्का संकेत मानें।
आपके 2027 के आकाश के अनुसार उपाय
वे ग्रह चुने गए हैं जो इस वर्ष आप पर सबसे अधिक दबाव डालते हैं — प्रतिकूल भावों में सबसे लंबा समय, और जब साढ़े साती या ढैया चल रही हो तब शनि: शनि और केतु।
शनि
शनि इस वर्ष 365 दिन आपके पहले और दूसरे भाव में रहते हैं — वे भाव जिन्हें गोचर तालिका प्रतिकूल मानती है।
- दिन
- शनिवार
- मंत्र
- ॐ शं शनैश्चराय नमः — 108 बार
- सेवा
- बुजुर्गों, श्रमिकों और दिव्यांगों की सेवा करें; तिल, काली उड़द, सरसों का तेल या कंबल दान करें।
- आचरण
- वचन निभाएँ, देय समय पर चुकाएँ, शॉर्टकट से बचें; शनिवार शाम पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएँ।
केतु
केतु इस वर्ष 365 दिन आपके पाँचवें भाव में रहते हैं — वे भाव जिन्हें गोचर तालिका प्रतिकूल मानती है।
- दिन
- मंगलवार या गुरुवार
- मंत्र
- ॐ कें केतवे नमः — 108 बार
- सेवा
- गणेश की उपासना करें; आवारा कुत्तों को भोजन दें; मंदिर या पशु-आश्रय में दान करें।
- आचरण
- प्रतिदिन दस मिनट ध्यान करें, प्रतिबद्धताएँ सरल रखें और स्वास्थ्य-जाँच नियमित रखें।
ये सहायक साधना हैं, गारंटी नहीं। रत्न केवल उचित कुंडली-विश्लेषण के बाद पहनें — गलत रत्न विपरीत असर कर सकता है।
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लोग वास्तव में क्या पूछते हैं
मीन राशि के लिए 2027 कैसा रहेगा?
यह गुरु और शनि तय करते हैं। 2027 में शनि आपकी चंद्र राशि से पहले और दूसरे भाव में रहते हैं और गुरु आपके छठे, फिर आपके पाँचवें, फिर आपके छठे, फिर आपके सातवें भाव से गुजरते हैं। वर्ष का गोचर अंक 51/100 है।
2027 में मीन पर साढ़े साती या ढैया है?
हाँ — साढ़े साती: 2027 में शनि आपकी चंद्र राशि से पहले और दूसरे भाव में हैं। शनि 3 जून को मेष में जाते हैं और 20 अक्तूबर को मीन में लौटते हैं, इसलिए सटीक चरण अपनी राशि के साढ़े साती पृष्ठ पर देखें।
2027 राशिफल हर साल की तरह लिखा हुआ स्तंभ है क्या?
नहीं। हर संख्या जीवंत ग्रह-गणना से निकली है — निरयन (लाहिरी) — इसलिए तिथियाँ और भाव किसी टाइप की हुई तालिका से नहीं आते।
2027 में मीन राशि का करियर और धन कैसा रहेगा?
गोचर के अनुसार करियर दबाव में और धन अनुकूल है। करियर पर सबसे स्पष्ट प्रभाव: गुरु आपके छठे भाव में (1 जनवरी – 25 जनवरी, 26 जून – 26 नवंबर) — छठे भाव में गुरु उसे बढ़ा देते हैं जिससे आप जूझ रहे हैं: ऋण, विवाद और स्वास्थ्य की चिंताएँ अनदेखी करने पर फैलती हैं। उन्हें जल्दी सँभालें, आहार संयमित रखें और किसी के ऋण की गारंटी न लें।
2027 के ग्रहण मीन राशि को कैसे छूते हैं?
आपकी चंद्र राशि से गिने हुए। पूर्ण या आंशिक ग्रहण — अपेक्षाकृत सरल भावों (3, 6, 10, 11; परंपराओं में भेद है) में: सूर्य ग्रहण — 6 फ़रवरी 2027 (ग्यारहवें भाव); अन्य भावों में: सूर्य ग्रहण — 2 अगस्त 2027 (पाँचवें भाव)। उपच्छाया — चंद्र ग्रहण — 21 फ़रवरी 2027 (छठे भाव); चंद्र ग्रहण — 18 जुलाई 2027 (ग्यारहवें भाव); चंद्र ग्रहण — 17 अगस्त 2027 (ग्यारहवें भाव): हल्की धुंधलाहट जिसे अधिकांश परंपराएँ ग्रहण नहीं गिनतीं, इसलिए इनका वजन कम है।
2027 में मीन राशि के लिए शनि की स्थिति क्या है, और क्या सहायक है?
साढ़े साती — मध्य चरण (वर्ष के आरंभ से 3 जून तक); साढ़े साती — अंतिम चरण (3 जून से 20 अक्तूबर तक); साढ़े साती — मध्य चरण (20 अक्तूबर से वर्ष के अंत तक)। शनि के लिए सहायक साधना: शनिवार को ॐ शं शनैश्चराय नमः — 108 बार; बुजुर्गों, श्रमिकों और दिव्यांगों की सेवा करें; तिल, काली उड़द, सरसों का तेल या कंबल दान करें।
मीन के लिए 2027 के सबसे अच्छे और सबसे कठिन महीने
ऊपर की मासिक तालिका के अंकों से — गुरु, शनि, राहु और केतु, आपकी चंद्र राशि से गिने हुए।
सबसे प्रबल
फ़रवरी, मार्च, अप्रैल, मई, जून, दिसंबर · 63/100
सबसे चुनौतीपूर्ण
जनवरी, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्तूबर, नवंबर · 39/100
सबसे बड़ा बदलाव फ़रवरी में आता है: अंक 39 से 63 हो जाता है क्योंकि गुरु आपके छठे से पाँचवें भाव में जाते हैं।
इसी राशि के अन्य फल
शेष ग्यारह राशियाँ
यह मीन का फल है। यह आपका अपना फल नहीं है।
आपकी अपनी कुंडली में लग्न, नक्षत्र और चलती हुई दशा है, जो उस बारहवें हिस्से में किसी और की नहीं। जन्म विवरण भरिए और यही गणना उन पर चलेगी।