अश्विनी — भरणी नक्षत्र मिलान
अश्विनी नक्षत्र और भरणी नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 33 अंक मिलते हैं (92%) — उत्तम मेल। आठ में सबसे मज़बूत नाड़ी कूट है। अश्विनी नक्षत्र से भरणी दूसरा नक्षत्र है।
33
अंक / 36
प्रतिशत: 92%
विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36
क्या यह 33/36 आप पर भी लागू होता है?
यह पृष्ठ केवल अश्विनी — भरणी नक्षत्रों से गिना गया है। योनि कूट यहाँ 2/4 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।
दोनों नक्षत्रों का विवरण
| अश्विनी | भरणी | |
|---|---|---|
| स्वामी ग्रह | केतु | शुक्र |
| राशि | मेष | मेष |
| गण | देव | मनुष्य |
| योनि | अश्व | गज |
| नाड़ी | आदि | मध्य |
| तत्व | अग्नि | अग्नि |
| देवता | अश्विनी कुमार | यम |
| प्रतीक | घोड़े का सिर | योनि |
| राशि विस्तार | 0°00' – 13°20' | 13°20' – 26°40' |
आठ कूट — अंकों का विवरण
| अंक / 36 | अश्विनी | भरणी |
|---|---|---|
1/1वर्ण कूट पूरे अंक | अग्नि | अग्नि |
2/2वश्य कूट पूरे अंक | मेष | मेष |
3/3तारा (दिन) कूट पूरे अंक | दूसरा | 27वाँ |
2/4योनि कूट आंशिक | अश्व | गज |
5/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी) पूरे अंक | मंगल | मंगल |
5/6गण कूट आंशिक | देव | मनुष्य |
7/7भकूट (राशि) कूट पूरे अंक | पहली | पहली |
8/8नाड़ी कूट पूरे अंक | आदि | मध्य |
अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान
अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।
पाद — ऊरु, अलग रज्जु।
अश्विनी का वेध ज्येष्ठा है; भरणी नहीं।
भरणी नक्षत्र से अश्विनी 27वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।
सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 27 है।
दोनों नक्षत्रों का लिंग अलग है — यह संयोग श्रेष्ठ माना जाता है।
इस मेल को क्या तय करता है
स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन
देव — मनुष्य गण, 5/6। तटस्थ: न अपने आप तालमेल, न टकराव।
मन और निर्णय
राशि स्वामी मंगल — मंगल, मैत्री, 5/5। पैसे और काम के निर्णय आसानी से बनते हैं।
शरीर, स्वास्थ्य और संतान
नाड़ी आदि — मध्य, योनि अश्व — गज। इस स्तर पर अलग उपाय की ज़रूरत नहीं।
दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं
अश्विनी: स्वामी केतु, देवता अश्विनी कुमार, प्रतीक घोड़े का सिर, देव गण, मेष राशि। भरणी: स्वामी शुक्र, देवता यम, प्रतीक योनि, मनुष्य गण, मेष राशि।
दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा
अश्विनी नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में भरणी पहला स्थान पर है; अश्विनी के लिए सबसे अधिक भरणी (33/36), सबसे कम मूल (9/36), 18 से ऊपर 19 नक्षत्र। भरणी के 26 में अश्विनी पहला स्थान पर; भरणी के लिए सबसे अधिक अश्विनी (33/36), सबसे कम चित्रा (7.5/36), 18 से ऊपर 19।
नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ
अश्विनी नक्षत्र को कन्या का मानकर गिना गया है। क्रम बदलने पर भी 33/36 वही — आठ में सात कूट क्रम नहीं देखते, वर्ण भी यहाँ नहीं बदलता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अश्विनी — भरणी मिलान में कितने अंक हैं?+
36 में से 33 (92%) — उत्तम मेल। यह पारंपरिक सीमा 18 से ऊपर है।
इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+
योनि कूट — 2/4। सबसे अधिक नाड़ी कूट — 8/8।
अश्विनी — भरणी के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+
अश्विनी नक्षत्र से भरणी दूसरा; भरणी नक्षत्र से अश्विनी 27वाँ। राशि के स्तर पर पहली — पहली।
क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+
नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।