भरणी — विशाखा नक्षत्र मिलान

भरणी नक्षत्र और विशाखा नक्षत्र को अष्टकूट पद्धति में 36 में से 24.5 अंक मिलते हैं (68%) — बहुत अच्छा मेल। आठ में सबसे मज़बूत नाड़ी कूट है। भरणी नक्षत्र से विशाखा 15वाँ नक्षत्र है।

24.5

अंक / 36

बहुत अच्छा मेल

प्रतिशत: 68%

विवाह के लिए पारंपरिक सीमा 18/36

क्या यह 24.5/36 आप पर भी लागू होता है?

यह पृष्ठ केवल भरणी — विशाखा नक्षत्रों से गिना गया है। गण कूट यहाँ 1/6 है — वह आपकी अपनी कुंडली में कैसे बैठता है, यह आपके जन्म विवरण ही बताएँगे। पहला अध्याय मुफ़्त।

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दोनों नक्षत्रों का विवरण

भरणीविशाखा
स्वामी ग्रहशुक्रगुरु
राशिमेषतुला/वृश्चिक
गणमनुष्यराक्षस
योनिगजव्याघ्र
नाड़ीमध्यअन्त्य
तत्वअग्निवायु
देवतायमइंद्रग्नि
प्रतीकयोनिविजय तोरण
राशि विस्तार13°20' – 26°40'200°00' – 213°20'

आठ कूट — अंकों का विवरण

अंक / 36भरणीविशाखा
1/1वर्ण कूट
पूरे अंक
अग्निवायु
1/2वश्य कूट
आंशिक
मेषतुला/वृश्चिक
1.5/3तारा (दिन) कूट
आंशिक
15वाँ14वाँ
2/4योनि कूट
आंशिक
गजव्याघ्र
3/5ग्रह मैत्री (राशि स्वामी)
आंशिक
मंगलशुक्र
1/6गण कूट
कम
मनुष्यराक्षस
7/7भकूट (राशि) कूट
पूरे अंक
7वीं7वीं
8/8नाड़ी कूट
पूरे अंक
मध्यअन्त्य

अष्टकूट से बाहर के पाँच मिलान

अष्टकूट के आठ कूट ऊपर हैं। शास्त्र में इनके अलावा भी कुछ जाँच होती हैं, जो केवल दोनों नक्षत्रों की गिनती से निकलती हैं — वे पाँच यहाँ हैं।

रज्जुऊरु·उदरहै

ऊरु — उदर, अलग रज्जु।

वेधअनुराधा·वेध नहींहै

भरणी का वेध अनुराधा है; विशाखा नहीं।

महेंद्र14वाँ·4·7·10·13·16·19·22·25नहीं

विशाखा नक्षत्र से भरणी 14वाँ है। 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22, 25 में से कोई हो तो महेंद्र माना जाता है।

स्त्री-दीर्घ14वाँ·7 से अधिकहै

सात से अधिक का अंतर चाहिए; यहाँ 14 है।

योनि लिंग (काणम्)स्त्री·स्त्रीनहीं

दोनों नक्षत्रों का लिंग एक ही है।

इस मेल को क्या तय करता है

स्वभाव और रोज़मर्रा का जीवन

मनुष्य — राक्षस गण, 1/6। अलग स्वभाव; बदलने के बजाय स्वीकारना काम आता है।

मन और निर्णय

मंगल — शुक्र तटस्थ, 3/5। सामान्य बातचीत में निर्णय बन जाते हैं।

शरीर, स्वास्थ्य और संतान

नाड़ी मध्य — अन्त्य, योनि गज — व्याघ्र। इस स्तर पर अलग उपाय की ज़रूरत नहीं।

दोनों नक्षत्र किसका प्रतिनिधित्व करते हैं

भरणी: स्वामी शुक्र, देवता यम, प्रतीक योनि, मनुष्य गण, मेष राशि। विशाखा: स्वामी गुरु, देवता इंद्रग्नि, प्रतीक विजय तोरण, राक्षस गण, तुला/वृश्चिक राशि।

दोनों नक्षत्रों की अपनी सूची में यह जोड़ा

भरणी नक्षत्र के 26 संभावित साथियों में विशाखा 10वाँ स्थान पर है; भरणी के लिए सबसे अधिक अश्विनी (33/36), सबसे कम चित्रा (7.5/36), 18 से ऊपर 19 नक्षत्र। विशाखा के 26 में भरणी पाँचवाँ स्थान पर; विशाखा के लिए सबसे अधिक धनिष्ठा (30.5/36), सबसे कम रेवती (5.5/36), 18 से ऊपर 17।

नक्षत्रों का क्रम और यह पृष्ठ

भरणी नक्षत्र को कन्या का मानकर 24.5/36। विशाखा को कन्या का मानें तो केवल वर्ण बदलकर 23.5/36। उस एक अंक के लिए अलग पृष्ठ नहीं — दोनों पाठ यहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरणी — विशाखा मिलान में कितने अंक हैं?+

36 में से 24.5 (68%) — बहुत अच्छा मेल। यह पारंपरिक सीमा 18 से ऊपर है।

इस जोड़े में कौन-सा कूट कम पड़ रहा है?+

गण कूट — 1/6। सबसे अधिक नाड़ी कूट — 8/8।

भरणी — विशाखा के बीच कितने नक्षत्र का अंतर है?+

भरणी नक्षत्र से विशाखा 15वाँ; विशाखा नक्षत्र से भरणी 14वाँ। राशि के स्तर पर 7वीं — 7वीं।

क्या इन्हीं अंकों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है?+

नहीं। रज्जु, वेध, मांगलिक दोष और दशा — ये दोनों की पूरी कुंडली में ही दिखते हैं। इसे पहली जाँच मानिए।

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